सीबीएसई के 12वीं के रिजल्ट में टॉप करने वाला आशुतोष
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कैंसर ने रास्ता रोकना चाहा, पर हिम्मत नहीं हारा। 12वीं में मेडिकल स्ट्रीम में 82.4 प्रतिशत अंक हासिल किए। अब एमबीबीएस बनना चाहता है। हालांकि इस बिमारी के लिए एक साल उन्होंने इस कक्षा के पेपर को ड्राप भी किया था।
आशुतोष के पिता रेलवे में स्टेनोग्राफ्र है और रेलवे कॉलोनी में रहते हैं। वर्ष 2011 की बात है जब आशुतोष 8वीं कक्षा में थे तो उन्हें अपनी बीमारी ब्लड कैंसर के बारे मे पता चला। एक बार तो वह काफी निराश हुए और सोचा कि अब जिदंगी कैसे चलेगी। लेकिन मां पिता ने हौसला बढ़ाते हुए हमेशा उनका साथ दिया और इलाज शुरू हुआ।
दो साल पहले ही आशुतोष ने इस बीमारी से निजात पाई है, लेकिन इलाज के दौरान खाई हुई दवाईयों से मेरी आंख प्रोबॉल्म करने लगी। जिस कारण पिछले साल 12 की कक्षा को ड्राप करना पड़ा। आशुतोष भवन विद्यालय के छात्र हैं। उन्होंने कहा कि अब मेरा टारगेट एमबीबीएस करके डॉक्टर बनने का हैं।