जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार पर पूर्व पुलिस आयुक्त भीमसेन बस्सी के बयान के खिलाफ दायर पुनर्विचार याचिका हाईकोर्ट ने शुक्रवार को खारिज कर दी। हाईकोर्ट ने इससे पहले संबंधित याचिका भी खारिज की थी। याची ने पूर्व पुलिस आयुक्त को अपने बयान पर स्पष्टीकरण देने की मांग की थी।
मुख्य न्यायमूर्ति जी. रोहिणी व न्यायमूर्ति जयंतनाथ की खंडपीठ ने पुनर्विचार याचिका खारिज करते हुए कहा कि याचिका पर विचार करने का कोई ठोस आधार नहीं है। इस तरह के मुद्दे जनहित में नहीं उठाए जा सकते। याची सतीश पांडे का दावा है कि बस्सी के बयान ने मामले की जांच को प्रभावित किया है।
वह किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ आदेश नहीं चाहते। वह केवल इतना चाहते हैं कि बड़े पद पर बैठे अधिकारी किसी मामले की जांच के दौरान इस तरह के बयान न दें जिससे मामले की जांच पर बुरा असर पड़े। हाईकोर्ट ने 29 फरवरी को याचिका खारिज करते हुए कहा था कि यह याचिका जनहित में नहीं, बल्कि पब्लिसिटी के लिए दायर की गई है।