भारतीय वायु सेना के वरिष्ठ अधिकारी पहली बार इन दिनों रशियन भाषा सीख रहे हैं। सेना के वरिष्ठ अधिकारी रशियन भाषा सिर्फ भाषा ज्ञान के लिए नहीं, बल्कि तकनीक का प्रयोग करने के लिए सीख रहे हैं, क्योंकि भारतीय सेना के बेड़े में लड़ाकू विमान से लेकर हेलिकॉप्टर व अन्य तकनीक रूस से आती है।
इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी कैंपस में इन दिनों एयरफोर्स के एयर वाइस मार्शल, असिस्टेंट चीफ ऑफ द एयर चीफ स्टाफ, ग्रुप कैप्टन, विंग कमांडर और ज्वाइंट डायरेक्टर स्तर के अधिकारियों के लिए स्पेशल कोचिंग क्लास चल रही है।
इस क्लास को शॉर्ट टर्म ट्रेनिंग प्रोग्राम वर्कशाप इन रशियन लैंग्वेज का नाम दिया गया है। सेना के वरिष्ठ अधिकारियों को भाषा सिखाने के बाद कोर्स का सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस की योजना है कि भारतीय थल, जल और वायु सेना के वरिष्ठ अधिकारियों को विदेशी भाषाओं के बारे में भी महारत हासिल हो। जिन देशों की तकनीक, विमान या टैंकर को हम खरीदते हैं, विशेषकर उन भाषाओं की पढ़ाई करवाई जाए।