गर्ल्स हॉस्टल 24 घंटे खोले जाने को लेकर एक कमेटी बनाई गई है, जो डीएसडब्ल्यू इमैनुअल नाहर की अध्यक्षता में काम करेगी। छात्राएं चार दिन से आंदोलन करती आ रही हैं। पहले भी आंदोलन हुए हैं। स्टूडेंट्स काउंसिल की अध्यक्ष कनुप्रिया ने सीनेट लिए एक पत्र सभी सीनेटर को दिया और उन्होंने उसको बैठक में उठाया भी। उनकी मांग थी कि बीडीएस व एमडीएस की फीस कम की जाए। इसको लेकर भी विचार किया जाएगा। स्टूडेंट लीडर को सीनेट का सदस्य बनाए जाने पर भी प्रस्ताव आया।
इसके लिए ऊपर से अनुमति लेने की बात कही गई। हॉस्टल में पानी आदि की दिक्कत दूर होंगी। हॉस्टल आवंटन की पारदर्शिता की व्यवस्था के भी सवाल उठे, उन पर भी विचार करने को कहा गया। हॉस्टल में पानी लीकेज आदि की रिपेयरिंग होगी। पीयू सीनेट में में पिछले साल हुए आंदोलन के दौरान 70 छात्रों पर दर्ज केस वापस होंगे। छात्र संगठनों की मांग पर सीनेटरों ने यह मामला उठाया और सीनेट चेयरमैन प्रोफेसर राजकुमार ने इसके लिए आदेश कर दिए।
इसके अलावा पुटा अध्यक्ष राजेश गिल ने सुझाव दिया कि कैंपस में साइक्लिंग को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। यह तभी संभव है जब कारों पर प्रतिबंध लगे। हिंदी विभाग चेयरमैन गुरमीत सिंह ने कहा कि विभागों के पास ऑडिटोरियम होते हैं लेकिन दूसरे विभाग जब लेते हैं तो उसका चार्ज डिफरेंट लिया जाता है। इसमें समानता आनी चाहिए और नए नियम इसको लेकर बनने चाहिए। डीएसडब्ल्यू इमैनुअल नाहर ने भी छात्रों का मांग पत्र पढ़ा। वीसी ने कहा कि मांगों पर विचार चल रहा है। कमेटी भी इस पर फैसला देगी।
कनुप्रिया ने बैठक में लिया हिस्सा
सीनेट की बैठक ओपन होती है। सीनेट हाउस के ऊपर बनाई गई गैलरी में पीयू का कोई भी व्यक्ति पास लेकर बैठ सकता है। स्टूडेंट लीडर भी यहां आ सकते हैं। स्टूडेंट काउंसिल की अध्यक्ष कनुप्रिया भी पूरी बैठक के दौरान रहीं। बताया जाता है कि वह पहली ऐसी अध्यक्ष हैं जिन्होंने बैठक में हिस्सा लिया और स्टूडेंट के हितों को सुना और सीनेटर से उठवाया।