कोरोनावायरस की चिंताओं के बीच एशिया, अमेरिका, यूरोपीय देश भी गिरावट से अछूते नहीं रहे। अमेरिकी बाजार बेंचमार्क एसएंडपी 500 में 4.4 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई, जो 2011 से अब तक की सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट है। वहीं एशिया सहित दुनिया भर के बाजारों के लिए यह लगभग 11 साल का सबसे खराब हफ्ता रहा है। गिरावट इतनी तगड़ी रही कि इस हफ्ते दुनिया भर में निवेशकों के लगभग 3 लाख करोड़ डॉलर (216 लाख करोड़ रुपये) डूब गए।
अमेरिका के डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में लगभग 1,200 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। वहीं एसएंडपी 500 पिछले हफ्ते अपने उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बाद लगभग 12 फीसदी टूट चुका है। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, बाजार के लिए अक्तूबर, 2008 के बाद यह सबसे खराब हफ्ता होने जा रहा है। दरअसल, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कोरोना को लेकर चेतावनी जारी करते हुए कहा कि यह जानलेवा महामारी अब ‘निर्णायक मोड़’ पर आ गई है।
उधर, लगभग सभी एशियाई बाजारों में भी गिरावट जारी रही। जापान, दक्षिण कोरिया, थाईलैंड के अलावा ऑस्ट्रेलियाई बाजारों में तीन फीसदी से ज्यादा की गिरावट रही। वहीं इंडोनेशिया में चार फीसदी से ज्यादा की कमजोरी दर्ज की गई। इसके साथ ही दुनिया के लिए यह लगभग 11 साल का सबसे खराब हफ्ता बन गया है। इससे पहले वर्ष 2008 में आई मंदी में ऐसी स्थिति रही थी।