कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के चलते घरेलू खपत और निवेश प्रभावित होने के कारण क्रेडिट रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने सोमवार को वित्त वर्ष 2021-22 के लिए भारत की वृद्धि दर के अनुमान को 11 फीसदी से घटाकर 9.5 फीसदी कर दिया था। क्रिसिल के अर्थशास्त्रियों ने अपने पूर्वानुमानों में कटौती करते हुए कहा कि वृद्धि के दो वाहकों- निजी खपत और निवेश, पर दूसरी लहर का प्रकोप एकदम स्पष्ट है, जिसके चलते ये संशोधन किए गए हैं।
रेटिंग एजेंसी ने अपनी टिप्पणी में कहा कि संक्रमण के दैनिक मामलों में ऊपरी स्तर से गिरावट आई है, लेकिन राज्यों को प्रतिबंध हटाते समय सावधान रहना चाहिए, क्योंकि एक और लहर आने की आशंका बनी हुई है। धीमी गति से हो रहे टीकाकरण के चलते यह आशंका और भी बढ़ गई है। क्रिसिल ने कहा कि कोविड-19 से संबंधित प्रतिबंध कुछ हद तक जारी रहेंगे और कम से कम अगस्त तक किसी न किसी रूप में गतिशीलता प्रभावित होगी।