सूचीबद्ध वाणिज्यिक बैंक अब पैन कार्ड की मदद से देख सकेंगे कि किसी कंपनी ने कितना आयकर रिटर्न भरा है। आयकर विभाग ने बुधवार को यह नई व्यवस्था शुरू की।
आयकर विभाग ने पाया था कि कई लोगों द्वारा बड़ी रकम की नकदी निकासी की जाती है लेकिन उनकी ओर से रिटर्न दाखिल नहीं किया जाता। इसके बाद यह कदम उठाया गया है। आयकर विभाग अब ऐसे लोगों पर शिकंजा कसने की तैयारी में है।
वित्तीय कानून 2020 के तहत रिटर्न दाखिल नहीं करने वालों के 20 लाख रुपये से अधिक निकालने पर टीडीएस लगाने का प्रावधान है। इसमें 1 करोड़ से अधिक निकासी पर पांच फीसदी अधिक दर से टीडीएस लगाने का प्रावधान है।
सीबीडीटी की नई अधिसूचना के मुताबिक अब सूचीबद्ध वाणिज्यिक बैंकों से भी आयकर रिटर्न की जानकारी साझा की जाएगी। सीबीडीटी ने बयान जारी कर बताया कि नई व्यवस्था के जरिये बैंक और डाकघर आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 194एन के तहत नकद निकालने वाले व्यक्ति के पैन से टीडीएस की लागू दर प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही यह भी देख सकेंगे कि व्यक्ति या कंपनी ने कितना आयकर भरा है।