अगर आप नौकरीपेशा हैं तो आपको वर्तमान के साथ अपने भविष्य यानी सेवानिवृत्ति के लिए बेहतर वित्तीय योजना बनानी चाहिए। इसके लिए जरूरी है कि नौकरी के दौरान अपनी नियमित आय में से कुछ पैसे उन योजनाओं में निवेश करें, जिनमें अच्छे रिटर्न और कर लाभ के साथ सुरक्षा की भी गारंटी हो। ऐसी ही एक योजना है...वॉलेंटरी प्रोविडेंट फंड (वीपीएफ)। इसमें योगदान ईपीएफ में किए जाने वाले 12 फीसदी से अलग होता है। आप अपनी कंपनी में वीपीएफ में अलग से निवेश शुरू करने के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसमें निवेश पर ईपीएफ खाते की तरह 8.25 फीसदी का ब्याज मिलेगा।
तीन तरह से मिलती है छूट
ईपीएफ की तरह वीपीएफ में भी निवेश पर तीन तरह से कर छूट का लाभ मिलता है। पहला...सालाना 2.50 लाख रुपये तक के निवेश पर आयकर कानून की धारा 80सी के तहत कर छूट पा सकते हैं। दूसरा... ब्याज आय पूरी तरह से करमुक्त होती है। तीसरा...मैच्योरिटी पर मिलने वाली राशि पर कर का भुगतान नहीं करना पड़ता है। वीपीएफ में जमा-निकासी पर कर नहीं लगता है। हालांकि, अगर आप पांच साल से पहले पैसे निकालते हैं तो इस पर कर देना होगा। पांच साल बाद फंड से निकासी करमुक्त होती है।
बीच में बंद करने की सुविधा नहीं
वीपीएफ में निवेश के लिए अलग से खाता खोलने की जरूरत नहीं है। आपके वेतन से कटा हुआ पैसा इसमें जमा हो जाता है। ध्यान देने वाली बात है कि अगर आप इसमें निवेश शुरू करते हैं तो वित्त वर्ष के बीच में बंद नहीं कर सकते हैं।
इनमें भी लगा सकते हैं पैसा
पीपीएफ: पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी पीपीएफ में 7.1 फीसदी ब्याज मिल रहा है। न्यूनतम 500 व अधिकतम 1.50 लाख निवेश कर सकते हैं। इस पर मिलने वाला ब्याज करमुक्त होता है। लॉकइन अवधि 15 साल है।
सुकन्या समृद्धि: इसमें 10 वर्ष तक की उम्र की बच्ची के नाम पर खाता खोल सकते हैं। एक वित्त वर्ष में न्यूनतम 250 रुपये और अधिकतम 1.5 लाख रुपये जमा कर सकते हैं। निवेश पर 8.2 फीसदी ब्याज मिल रहा है। अधिकतम 15 साल तक पैसे लगा सकते हैं। 80सी के तहत कर छूट का भी लाभ उठा सकते हैं।
बेसिक वेतन का 100 फीसदी तक निवेश
अगर आप लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं तो वीपीएफ एक अच्छा विकल्प है। इसमें पीपीएफ, एनएससी, सुकन्या समृद्धि और फिक्स्ड डिपॉजिट से ज्यादा ब्याज मिलेगा। खास बात है कि इसमें बेसिक और डियरनेस अलाउंस (डीए) का 100 फीसदी तक निवेश कर सकते हैं, जबकि ईपीएफ खाते में 12 फीसदी तक योगदान करने की छूट है।
-बलवंत जैन
टैक्स एवं निवेश सलाहकार