नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष और प्रख्यात अर्थशास्त्री अरविंद पनगढ़िया ने कहा है कि अमेरिका और चीन में जारी व्यापारिक तनाव भारत के लिए बड़ा अवसर है। उन्होंने सलाह दी कि ऐसी परिस्थितियों में भारत को उन बहुराष्ट्रीय कंपनियों को देश में निवेश के लिए आकर्षित कर सकता है, जो चीन के बाहर विकल्प तलाश रही हैं।
न्यूयॉर्क स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास में एक परिचर्चा के दौरान पनगढ़िया ने कहा कि भारत को अमेरिका से आयातित मोटरसाइकिल पर आयात शुल्क घटाना चाहिए। हार्ले डेविडसन जैसी बाइक पर 100 फीसदी शुल्क का कोई मतलब नहीं है। उन्होंने सुझाव दिया कि अभी अमेरिका के साथ आदान-प्रदान की रणनीति के तहत बातचीत करने का समय है।
चीन के साथ जारी तनाव भारत को अमेरिका के साथ बातचीत करने का अवसर देता है। लिहाजा उन्हें कुछ दीजिए और बदले में उनसे कुछ लीजिए। चीन के बाहर विकल्प तलाश रही कंपनियों को भारत अपने यहां बुलाने के लिए जो कुछ कर सकता है, उसे करना चाहिए।
श्रम सुधारों पर जोर
उन्होंने कहा कि बहुराष्ट्रीय कंपनियों को आकर्षित करने के लिए भारत को श्रम कानूनों और भूमि अधिग्रहण से जुड़े सुधारों और उदार बनाना होगा। अमेरिका के साथ आयात शुल्क के बजाए भारत अपने लाभ के लिए विनिमय दर का उपयोग कर सकता है। अगर रुपया थोड़ा और कमजोर होगा तो आपके निर्यातकों के लिए दरवाजे खुलेंगे और शुल्क के नुकसान की भरपाई भी हो जाएगी। यह पूरी तरह भारत के हित में रहेगा।