49 साल बाद शुक्रवार को संसद में देश की पहली महिला वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश किया। निर्मला सीतारमण ने अपने बजट में गांव, गरीब और किसानों को कई तोहफे दिए। गरीब और किसानों को बजट का तोहफा देने से पहले उन्होंने साफ कहा कि असल भारत, गांव में ही बसता है। उन्होंने किसानों और गरीबों के लिए इस बजट में कई बड़ी बातें कहीं। इससे पहले 1970 में इंदिरा गांधी ने देश का पहला यूनियन बजट पेश किया था लेकिन वह वित्त मंत्री के साथ ही प्रधानमंत्री भी थीं। निर्मला सीतारमण ने दूसरे सेक्टर्स के साथ ही इस बजट में गांव, गरीब और किसानों का भी विशेष ध्यान रखा और उनके लिए कई तरह की घोषणाएं की। आइए जानते हैं मोदी सरकार-2 के इस बजट में गांव, गरीब और किसान के लिए क्या खास है?
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गरीबों के लिए 1.95 करोड़ मकान
बजट में किसे क्या मिला
- फोटो : अमर उजाला
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि साल 2022 तक सभी के आवास का लक्ष्य पूरा होगा। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 2021-22 तक 1.95 करोड़ मकान लाभार्थियों के मकान का सपना पूरा होगा। इन मकानों में रसाई गैस, बिजली और शौचालय की सुविधा होगी। वित्त मंत्री ने कहा कि पहले प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बन रहे आवासों के निर्माण में 314 दिन लग रहे थे लेकिन अब इन मकानों का निर्माण 114 दिन में हो रहा है।
गांवों को सड़क का तोहफा
बजट में किसे क्या मिला
- फोटो : अमर उजाला
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि अगले पांच साल में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत 1.25 लाख किलोमीटर सड़क का निर्माण होगा। इस पर 80250 करोड़ रुपए का खर्च आएगा। वित्त मंत्री ने कहा कि जल शक्ति मंत्रालय 2024 तक हर घर को जल सुनिश्चित करेगा। उन्होंने कहा कि 97 फीसदी सड़क निर्माण का लक्ष्य पूरा हो चुका है। वित्त मंत्री ने कहा कि गांवों को बाजार से जोड़ने वाली सड़कों को अपग्रेड किया जाएगा। स्वच्छता अभियान के तहत अब हर गांव में कचरा प्रबंधन की व्यवस्था होगी।
तीन महीने में भारत हो जाएगा खुले में शौच से मुक्त
बजट में किसे क्या मिला
- फोटो : अमर उजाला
वित्त मंत्री ने कहा कि अभी तक गावों की जितनी भी सड़कें बनी हैं उनका 30,000 किलोमीटर हिस्सा ग्रीन तकनीक से बना है। इसमें कार्बन फुटप्रिंट को कम किया गया है। निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान के तहत 2 करोड़ गांव डिजिटल साक्षर बने हैं। 5.6 लाख गांवों को खुले में शौच से मुक्ति मिली है। उन्होंने कहा कि 2 अक्टूबर 2019 तक भारत खुले में शौच से मुक्त हो जाएगा।
किसानों को क्या मिला?
बजट 2019
- फोटो : Amar Ujala
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार किसानों का जीवन और व्यवसाय आसान बनाने के लिए काम करेगी। आजादी की 75वीं सालगिरह तक किसान की आय दोगुनी करने की कोशिश होगी।अन्नदाता को ऊर्जादाता बनाने के लिए काम होगा। किसानों के उत्पादन से जुड़े कामों में निजी व्यवसायों को बढ़ावा दिया जाएगा।
जीरो बजट खेती पर जोर
वित्त मंत्री ने कहा कि जीरो बजट खेती पर जोर दिया जाएगा। खेती के बुनियादी तरीकों पर लौटना इसका उद्देश्य है। इसी से किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य पूरा होगा। खाद्यानों, दलहनों, तिलहनों, फलों और सब्जियों की स्व-पर्याप्तता और निर्यात पर विशेष रूप से जोर दिया गया।
वित्त मंत्री ने कहा कि साल 2022 तक 10 हजार नए किसान उत्पादक संगठन बनाए जाएंगे। मछुआरों की आजीविका को सुधारने के लिए प्रधानमंत्री मतस्य संपदा योजना के तहत मत्स्यिकी ढांचे की स्थापना होगी। वित्त वर्ष 2019-20 के दौरान 100 नए बांस, शहद और खादी कलस्टर की स्थापना होगी।