फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

युवाओं के लिए बुरी खबर, 56 हजार की छंटनी करने जा रही हैं टॉप IT कंपनियां

Fri, 12 May 2017 10:39 AM IST
amarujala.com- Presented by: मनीष कुमार
विज्ञापन
विज्ञापन
ट्रंप की नई नीतियों का सीधा असर देश-दुनिया की बड़ी आईटी कंपनियों पर साफ दिख रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक टॉप it 7 कंपनियां करीब 56 हजार कर्मियों को इस साल नौकरी से निकाल सकती है। हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक इस सात कंपनियों में इंफोसिस, विप्रो लिमिटेड, टेक महींद्रा, एचसीएल, अमेरी कॉन्जीनेंट, टीएक्ससी टेक्नोलॉजी और फ्रांस की केप्गेमीनी एसए शामिल हैं। इन कंपनियों में काम करने वाले लोगों की संख्या करीब 1.24 मिलियन है और यहां से करीब 4.5 फीसदी कर्मियों को निकाला जा रहा है।
विज्ञापन


चौंका देने वाली बात है कि जहां एक तरफ कर्मियों को निकालने की बात चल रही है, वहीं ये कंपनियां नए लोगों को हायर भी करने जा रही है। इस पर  कंपनियों का कहना है कि काम करने वालों को उनके परफोर्मेन्स के आधार पर ही निकाला जा रहा है। कंपनियों ने कहा कि ये पहली बार नहीं हो रहा है। पहले के आकंड़ों को देखा जाए तो करीब 1 से 1.5 फीसदी कर्मियों को इंडियन आईटी कंपनियों ने निकाला है। लेकिन इस बार ये आंकड़ा 2 से 6 फीसदी तक पहुंच गया है। 

इंफोसिस के प्रवक्ता का कहना है कि हम कर्मियों को पहले ही टारगेट दे देते हैं, जिसके आधार पर उनका कंपनी में रुकना तय होता है। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि इस साल बड़ी तादाद में छटनी नहीं हो रही है। कंपनियों के एचआर ने इस मामले में बड़ी बात कही है। एचआर का कहना है कि डिजिटल बिजनेस पुराने बिजनेस से कही आगे है।
विज्ञापन


ऐसे में कोशिश की जाती है कि कंपनी के कर्मी भी इस तेजी के साथ चले, पर पुराने कर्मी पहले के तरीके ही अपनाते रहते हैं। ऐसे में नई तकनीक के कर्मी को कंपनी में लाना जरूरी होता है।अमेरिका में एच1 बी वीजा को लेकर समीक्षा का सीधा असर इन छटनी के जरिए दिख रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें