अमेरिका और चीन के बीच चल रही इस टेंशन के बीच ड्रैगन को एक बड़ा झटका लगा है। अमेरिकी शेयर बाजार से चीन की तीन प्रमुख टेलीकॉम कंपनियां बाहर होंगी यानी इन कंपनियों को डीलिस्ट किया जाएगा।
न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज के अनुसार, बाहर होने वाली कंपनियों में चाइना मोबाइल लिमिटेड, चाइना टेलीकॉम कॉर्पोरेशन, चाइना यूनिकॉम हॉन्गकॉन्ग लिमिटेड शामिल है। इन कंपनियों के संबंध चाइनीज आर्मी के साथ पाए गए हैं। न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज के मुताबिक, इन कंपनियों के शेयरों की ट्रेडिंग 7 से 11 जनवरी के दौरान सस्पेंड रहेगी। साथ ही इन कंपनियों को डिलिस्ट करना शुरू कर दिया जाएगा।
जवाबी कार्रवाई करेगा चीन
वहीं, अब चीन ने न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज (एनवाईएसई) द्वारा चीन की तीन बड़ी दूरसंचार कंपनियों को एक्सचेंज से हटाने की घोषणा पर जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। इससे अमेरिकी व चीन के बीच पहले से जारी तनाव और बढ़ सकता है। चीन के वाणिज्य विभाग के एक प्रवक्ता ने कहा कि इससे अमेरिकी पूंजी बाजार के प्रति सभी पक्षों का भरोसा कमजोर होगा।
अमेरिका और चीन तनाव बना कारण
अमेरिका और चीन तनाव का असर अब अमेरिका के शेयर बाजार पर पड़ने लगा है। हालांकि डीलिस्टिंग से इन कंपनियों पर ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ेगा। क्योंकि यह सभी कंपनियां हॉगकांग के शेयर बाजार में अलग से सूचीबद्ध हैं। लेकिन इन तीन कंपनियों का अमेरिका के शेयर बाजार से हटाना इन देशों देशों के बीच बढ़ती खटास को दिखाता है।
चीनी कंपनियों पर ट्रंप सख्त
डोनाल्ड ट्रंप चीनी कंपनियों पर पहले से ही नजर गढ़ाए बैठे थे। वह बार-बार चीनी कंपनियों पर निशाना साधते थे, नवंबर में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश जारी कर चीनी सेना के साथ सुरक्षा संबंधी लेनदेन व उपकरणों की खरीदी-बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बाद चीन ने भी अपने यहां अमेरिका की कंपनियों पर कार्रवाई की थी।
ट्रंप ने अपने कार्यकारी आदेश में कहा था कि चीन संसाधन हासिल करने के लिए अमेरिकी पूंजी का तेजी से दोहन कर रहा है और अपनी सेना, खुफिया सेवा, और अन्य सुरक्षा जरूरतों का विकास और आधुनिकीकरण कर रहा है तथा जिससे अमेरिकी सेना को सीधे चुनौती दी जा सकती है। ट्रंप ने उस वक्त चीनी कंपनियों से सीधे अमेरिकी सुरक्षा को खतरा बताया था।