रिलायंस इंडस्ट्री के चेयरमैन मुकेश अंबानी एशिया के दूसरे सबसे बड़े अमीर बन गए हैं। आजादी के 70 साल बाद रिलायंस देश की पहली ऐसी कंपनी बनी है, जिसके मुखिया को यह ताज मिला है। रिलायंस को जो यह कामयाबी मिली है, उसमें अंबानी परिवार के अलावा इसमें काम करने वाले कर्मचारी और शेयरहोल्डर्स का भी बड़ा हाथ रहा है।
ONGC के बाद देश की दूसरी बड़ी कंपनी
आरआईएल बाजार पूंजीकरण के आधार पर भारत की दूसरी सबसे बड़ी सार्वजनिक रूप कारोबार करने वाली कंपनी है एवं राजस्व के मामले में यह इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के बाद भारत की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी है। 2013 के रूप में, यह कंपनी फॉर्च्यून ग्लोबल 500 सूची के अनुसार दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों में 99वें स्थान पर है। आरआईएल भारत के कुल निर्यात में लगभग 14% का योगदान देती है।
1960 में शुरू हुई कंपनी के हैं 3.1 बिलियन शेयरहोल्डर
1960 में रिलायंस इंडस्ट्री को मुकेश अंबानी के पिता धीरूभाई अंबानी ने शुरू किया था। 31 मार्च 2017 तक इस कंपनी के 3.1 बिलियन शेयर होल्डर थे, जो किसी अन्य कंपनी के मुकाबले सबसे ज्यादा हैं। फिलहाल रिलायंस इंडस्ट्रीज की 123 सब्सिडियरी कंपनी और 10 सहयोगी कंपनियां हैं।
रिलांयस के पास है विश्व की सबसे बड़ी ऑयल रिफाइनरी
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने विश्व में प्राइवेट सेक्टर की सबसे बड़ी ऑयल रिफाइनरी को गुजरात के जामनगर में खोला है। मुकेश अंबानी ने पिछले वित्त वर्ष में करीब 12.1 बिलियन डॉलर की वेल्थ को जोड़ा है। अंबानी को यह उपलब्धि जियो की कामायाबी से मिली है।
हालांकि एशिया में पहले स्थान पर हांगकांग के बिजनेसमैन ली का शिंग अभी भी काबिज है। ब्लूमबर्ग की तरफ से जारी एशिया के बिलिनियर इंडेक्स के अनुसार, टेलिकॉम कंपनी के कारण रिलायंस के शेयर काफी चढ़ गए हैं। वहीं कुछ दिन पहले रिलायंस द्वारा 1500 रुपये का फोन लांच करने की घोषणा से जियो का मार्केट बेस बढ़ेगा।
15 साल के उच्चतम स्तर Reliance का डेट
रिपोर्ट के अनुसार, जियो के कारण कंपनी मार्केट में डेट भी 15 साल के उच्च स्तर पर पहुंच गया है। अभी तक मुकेश अंबानी जियो में 31 बिलियन डॉलर का निवेश कर चुके हैं। हालांकि कंपनी की 90 फीसदी कमाई पेट्रोकेमिकल, रिफाइनिंग से हो रही है। इसके अलावा रिटेल, मीडिया और नेचुरल गैस के उत्खनन में भी कमाई जारी है।