पैराडाइज पेपर्स में टैक्सचोरी करके विदेश में कालाधन छुपाने के मामलों से जुड़ी फाइलें सामने आई हैं, इसमें भारत समेत कई अन्य देशों की प्रभावशाली हस्तियों के नाम शामिल हैं। 'पैराडाइज पेपर्स' नाम के इस खुलासे में कुल 1.34 करोड़ फाइलें सामने आई हैं। इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक इस खुलासे में रानी एलिजाबेथ, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कैबिनेट के मंत्री और कई सेलेब्रिटी के नाम भी शामिल हैं।
ये जानकारियां कुल 19 टैक्स हेवन (ऐसे देश जहां टैक्स काफी मामूली होता है) माने जाने वाली जगहों से आई हैं। इस जानकारी को सबसे पहले जर्मन के एक अखबार ने एकत्रित किया, जिसके बाद इंटरनेशनल कंसोर्टियम ऑफ इंवेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट (ICIJ) ने उसकी जांच शुरू की। इस संगठन में देशभर के 90 मीडिया संस्थानों के पत्रकार शामिल थे।
पनामा पेपर मामले की तरह पैराडाइज में भी कई नामी-गिरामी भारतीयों के अलावा कुछ ऐसे नाम सामने आए हैं जो छोटे शहरों में रहते हैं और उन्होंने विदेश में स्थित फर्जी कंपनियों में पैसा डायवर्ट किया है।
जिन कंपनियों के जरिए ऐसा किया गया उनका रजिस्टर्ड पता इन शहरों का दिया गया है। इन शहरों में गाजियाबाद, कोटा, जालंधर, पटना और मुजफ्फरपुर शामिल हैं।
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जालंधर के रियल एस्टेट डेवलपर का नाम
इंडियन एक्सप्रेस द्वारा लीक किए दस्तावेजों के अनुसार, इस लिस्ट में जालंधर के रियल इस्टेट डेवलपर पवितार सिंह उप्पल का नाम शामिल है। पैराडाइज पेपर के अनुसार, उप्पल ने अगस्त 2016 में सिल्वरलाइन एस्टेट लिमिटेड के नाम से डोमीनिका में एक कंपनी को रजिस्टर्ड किया।
इस कंपनी को प्रॉफिट कंपनी के तौर पर दिखाया गया और केवल उप्पल ही इस कंपनी के डायरेक्टर हैं। उप्पल ने कहा कि यह कंपनी उनके रिश्तेदार की है, जो डोमीनिका में रहता है और उसे हाई रैंकिंग डिप्लोमेट के तौर पर नियुक्त किया गया है।
हालांकि उन्होंने अपने रिश्तेदार का नाम बताने से इंकार कर दिया।