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कर का बोझ: अंतिम दो दिन शेष, जल्द बचत योजनाओं में करें निवेश

Mon, 29 Mar 2021 06:23 AM IST
Kuldeep Singh एजेंसी, नई दिल्ली

सार

  • टैक्स बचत का विकल्प अपनाने के लिए बस बचे हैं दो दिन  
  • आखिरी समय में एकमुश्त निवेश कर आप 1.5 लाख रुपये तक का टैक्स क्लेम कर सकते हैं
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टैक्स - फोटो : pixabay
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विस्तार
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यह सप्ताह होली त्योहार के उल्लास के साथ वित्तवर्ष की समाप्ति भी लेकर आया है। टैक्स बचत का विकल्प अपनाने के लिए बस दो दिन ही बचे हैं। अगर अभी तक आपने कर बचत योजनाओं में निवेश नहीं किया है तो अब भी पैसे लगाकर टैक्स के बोझ से बच सकते हैं। आखिरी समय में टैक्स बचत के विकल्प बताती प्रमोद तिवारी की रिपोर्ट -

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1.5 लाख रुपये की टैक्स छूट ले सकते हैं आयकर की धारा 80सी के तहत एकमुश्त निवेश पर
क्लियर टैक्स की कर रणनीतिकार प्रीति खुराना का कहना है कि आखिरी समय में एकमुश्त निवेश कर आप 1.5 लाख रुपये तक का टैक्स क्लेम कर सकते हैं। सबसे पहले आप पीपीएफ खाता खोल कर उसमें 1.5 लाख का निवेश कर टैक्स क्लेम कर सकते हैं। पत्नी या बच्चे के नाम पर भी पीपीएफ खाता खोला जा सकता है, जिसमें आपको टैक्स छूट का विकल्प मिलेगा। पीपीएफ के अलावा ईपीएफ या वीपीएफ में 1.5 लाख का निवेश कर टैक्स छूट ली जा सकती है। आयकर की धारा 80सी के तहत मिलने वाले इस कर छूट विकल्प पर अभी 7.1 प्रतिशत का ब्याज भी मिलता है।

ईएलएसएस : कर छूट के साथ शेयर बाजार का लाभ
सरकार ने पिछले साल म्यूचुअल फंड के सबसे शानदार विकल्पों में शामिल ईएलएसएस पर भी 1.5 लाख रुपये तक कर छूट की सुविधा दी थी। सिप के जरिये भी इसमें निवेश कर सकते हैं। यहां लगने वाली 80 प्रतिशत से 100 प्रतिशत तक रकम शेयर बाजार यानी इक्विटी में लगती है, जिस पर 15 प्रतिशत से 17 प्रतिशत तक रिटर्न मिल सकता है। हालांकि, इसमें तीन साल लॉक-इन पीरियड होता है। इस दौरान की गई निकासी पर टैक्स देना पड़ेगा, लेकिन लॉक-इन पीरियड के बाद निकाली गई पूरी राशि भी कर मुक्त होती है।
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इन विकल्पों में भी आजमाएं हाथ

  • राष्ट्रीय बचत पत्र में भी निवेश कर टैक्स छूट ली जा सकती है। इसका लॉक इन पीरियड 5 साल है और 6.8 प्रतिशत का ब्याज मिलता है।
  • सुकन्या संवृद्धि योजना में भी 1.5 लाख रुपये तक टैक्स छूट मिल जाती है।
  • बैंक या डाकघर की 5 साल वाली एफडी पर भी छूट क्लेम कर सकते हैं।
  • जीवन बीमा या स्वास्थ्य बीमा खरीदकर भी टैक्स छूट क्लेम किया जा सकता है।

इन बातों का ध्यान रखना जरूरी

  • पिछले वित्तवर्ष से सरकार ने दो आयकर विकल्प दिए हैं। कर बचत के लिए निवेश करते समय नए और पुराने आयकर विकल्पों पर जरूर गौर करना चाहिए।
  • जल्दबाजी में कर बचाने के लिए यहाँ-वहां पैसे लगाने के बजाय जरूरतों के हिसाब से ही निवेश करना चाहिए।
  • आखिरी समय में यूलिप जैसी कर बचत योजनाओं के बजाय बैंक एफडी कराना ज्यादा सही रहेगा।

विशेषज्ञ से जरूर लें सलाह
आखिरी समय में निवेश में जल्दबाजी की वजह से गलतियों की आशंका ज्यादा होती है। आप ऐसी योजना में पैसे डाल सकते हैं, जिसमें या तो कम ब्याज मिलेगा अथवा आपको उसकी जरूरत ही नहीं होगी। इससे बचने के लिए किसी कर विशेषज्ञ या सीए से निवेश विकल्पों की जानकारी जरूर लें। -गिरीश नारंग, कर विशेषज्ञ

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