पेट्रोल डीजल पर केंद्रीय उतपाद शुल्क को देखा जाए तो 12 नवंबर 2014 से अभी तक दस बार केंद्रीय उत्पाद शुल्क में बढ़ोतरी हो चुकी है। हालिया बढ़ोतरी बीते 21 जून को बजट के जरिये की गई है जबकि दोनों ईंधनों पर प्रति लीटर एक रुपया केंद्रीय उत्पाद शुल्क मद में जबकि एक रुपया सेस के मद में बढ़ाया गया है। सबसे पहले 12 नवंबर 2014 को दोनों ईंधनों पर डेढ़-डेढ़ रुपये केंद्रीय उत्पाद शुल्क बढ़ा था।
इसके बाद दो दिसंबर 2014 को पेट्रोल पर सवा दो रुपये जबकि डीजल पर एक रुपया, एक जनवरी 2015 को दोनों ईंधनों पर दो दो रुपये, 16 जनवरी 2015 को दोनों ईंधनों पर दो दो रुपये, सात नवंबर 2015 को पेट्रोल पर 1.60 रुपये जबकि डीजल पर 40 पैसे, सात दिसंबर 2015 को पेट्रोल पर 30 पैसे जबकि डीजल पर 1.17 रुपये शुल्क बढ़ाया गया था।
दो जनवरी 2016 को पेट्रोल पर 37 पैसे जबकि डीजल पर दो रुपये, 16 जनवरी 2016 को पेट्रोल पर 75 पैसे जबकि डीजल पर दो रुपये, 30 जनवरी 2016 को पेट्रोल पर एक रुपया जबकि डीजल पर 1.50 रुपये और 21 जून 2019 को दोनों ईंधनों पर एक-एक रुपया उत्पाद शुल्क बढ़ाया गया था। इसी दिन सेस के मद में भी एक-एक रुपया की बढ़ोतरी की गई थी।