रामचरित मानस का डिजिटल संस्करण
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ताज महोत्सव में देश के कोने-कोने से आए शिल्पियों का हुनर ही नहीं, बोलती रामायण भी है जिसे सुनकर सैलानी बरबस खिंचे आ रहे हैं। संस्कृति के रंग बिखेर रहे मुक्ताकाशीय मंच के ठीक सामने राम चरित मानस की चौपाइयां गूंजती हैं। बोलती रामायण मानस का डिजिटल संस्करण है।
आगरा के लोग इससे पहले बोलती रामायण 2018 में आगरा कॉलेज में लगे साहित्य महोत्सव में सुन चुके हैं। यह रामायण एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है, जिसका आकार मोबाइल जैसा है। इसमें एक बटन दबाकर तुलसी रामायण के सातों कांड संगीतमय स्वर में सुने जा सकते हैं।
लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज अजय मूंधड़ा के स्वरों में तुलसी रामायण का अक्षरश: गायन इस डिवाइस में रिकार्डेड है। बाल कांड से उत्तर कांड तक की समस्त चौपाई और दोहे सम्पुट सहित उपलब्ध हैं। इसकी सहायता से अन्य काम करते-करते भी रामायण को समझा जा सकता है। बोलती रामायण बाजार में उपलब्ध नहीं है।
दंपती कर रहे हैं प्रचार
ताज महोत्सव में बोलती रामायण का प्रचार दंपती अभय और श्रीकांता माहेश्वरी कर रहे हैं। दोनों पेशे से कंपनी सेक्रेटरी हैं। 5 साल से इसका प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि संपूर्ण रामचरित मानस के गायन की परिकल्पना श्री सीमेंट के चेयरमैन बेनुगोपाल बांगड़ ने की थी।
रामायण के साथ भगवत गीता भी
सरल हिंदी में रामायण का अनुवाद, श्रीमद्भागवत, श्री दुर्गासप्तशती भी बोलती रामायण में समाहित है। बोलती रामायण के साथ भगवत गीता का मूल पाठ भी सम्मिलित है एवं भक्ति मंत्र, धुन और आरतियां भी समाहित की गई है।