पीठ ने कहा, क्या हम बेवकूफ हैं? क्या दूरसंचार विभाग के अधिकारी खुद को हमसे ऊपर समझते हैं? सब हमें प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। मीडिया के जरिए खबरें प्लांट कराई जा रही हैं। अखबारों में कंपनियों के पक्ष में लेख आ रहे हैं। यह हो क्या रहा है? इसके लिए दूरसंचार कंपनियों के प्रबंध निदेशकों (एमडी) को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। भविष्य में ऐसे किसी लेख के लिए उन्हें कोर्ट की अवमानना का दोषी माना जाएगा। जिन अधिकारियों ने बकाये का आकलन करने को कहा था, उन्हें बख्शेंगे नहीं।
यह था आदेश
गत वर्ष 24 अक्तूबर को सुप्रीम कोर्ट ने दूरसंचार कंपनियों को 90 दिन में बकाया 92,000 करोड़ रुपये बतौर एजीआर जमा कराने को कहा था। एजीआर और ब्याज मिलकर रकम अब 1.47 लाख करोड़ रुपये हो गई है। गत 16 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने कंपनियों द्वारा दायर पुनर्विचार याचिकाओं को भी खारिज कर दिया था।