मुकेश अंबानी के स्वामित्व वाली कंपनी रिलायंस रिटेल में अमेरिकी कंपनी सिल्वर लेक ने 1875 करोड़ रुपये के निवेश का फैसला किया है। कंपनी पहले ही 7500 करोड़ का निवेश कर चुकी है। इस तरह कंपनी ने अब तक रिलायंस रिटेल में 9375 करोड़ का निवेश कर दिया है। इसके साथ ही कंपनी में सिल्वर लेक की हिस्सेदारी 2.13 फीसदी हो गई है।
इससे पहले आज वैश्विक निजी इक्विटी फर्म जनरल अटलांटिक ने रिलायंस रिटेल में 3,675 करोड़ रुपये निवेश का एलान किया था। सौदे के तहत जनरल अटलांटिक 0.84 फीसदी हिस्सेदारी खरीदेगी।
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की सब्सिडियरी कंपनी रिलायंस रिटेल में लगातार निजी निवेश जारी है। इससे पहले अमेरिका की सिल्वर लेक 7,500 करोड़ और वैश्विक निजी इक्विटी फर्म केकेआर 5,550 करोड़ रुपये का निवेश कर चुकी है। सिल्वर लेक ने 1.75 फीसदी और केकेआर ने 1.28 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी है। जनरल अटलांटिक के साथ सौदा 4.28 लाख करोड़ की मौजूदा पूंजीकरण के हिसाब से हुआ है।
ये है कंपनी का लक्ष्य
रिलायंस रिटेल लिमिटेड के देशभर में फैले 12,000 से ज्यादा स्टोर्स में सालाना करीब 64 करोड़ ग्राहक आते हैं। यह भारत का सबसे बड़ा और सबसे तेजी से विकसित होने वाला रिटेल बिजनेस है। रिलायंस रिटेल के पास देश के सबसे लाभदायक रिटेल बिजनेस का तमगा भी है। कंपनी खुदरा वैश्विक और घरेलू कंपनियों, छोटे उद्योगों, खुदरा व्यापारियों और किसानों का एक ऐसा तंत्र विकसित करना चाहती है, जिससे उपभोक्ताओं को किफायती मूल्य पर सेवा प्रदान की जा सके और लाखों रोजगार पैदा किए जा सकें।
रिलायंस रिटेल ने अपनी नई वाणिज्य रणनीति के तहत छोटे और असंगठित व्यापारियों का डिजिटलीकरण शुरू किया है। कंपनी का लक्ष्य दो करोड़ व्यापारियों को इस नेटवर्क से जोड़ना है। यह नेटवर्क व्यापारियों को बेहतर टेक्नोलॉजी के साथ ग्राहकों को बेहतर मूल्य पर सेवाएं देने में सक्षम बनाएगा।