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आरबीआई गवर्नर का पदभार संभालते ही एक्शन में आए शक्तिकांत, 13 दिसंबर को करेंगे पहली बड़ी मीटिंग

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली Updated Wed, 12 Dec 2018 01:29 PM IST
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shaktikanta das

आर्थिक मामलों के पूर्व सचिव शक्तिकांत दास ने बुधवार को भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर का पदभार संभाल लिया है। पद संभालने के बाद शक्तिकांत दास ने कहा कि वह कोशिश करेंगे कि इस संस्था की विश्वसनीयता और स्वायत्ता को कायम रख सकें। उनके मुताबिक आरबीआई की सेवा करने का उन्हें यह बड़ा अवसर मिला है। उन्होंने कहा मैं सभी के साथ काम करने और भारतीय अर्थव्यवस्था की बेहतरी में काम करने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करूंगा।

बता दें दास ने ये पद उर्जित पटेल के स्थान पर संभाला है। पटेल ने सोमवार को निजी कारणों का हवाला देते हए अपने पद से अचानक इस्तीफा दे दिया था।

उन्होंने कहा, "मैंने कल सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के सईओ और एमडी की बैठक बुलाई है। बैंकिंग हमारी अर्थव्यवस्था में काफी अहम है। और उसे कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा है, जिन्हें निपटाए जाने की आवश्यकता है। वो बैंकिंग क्षेत्र है जिसपर मैं तुरंत ध्यान केंद्रित करना चाहता हूं।"



क्या कहा आरबीआई और सरकार के संबंध पर 

दास ने केंद्र और आरबीआई के संबंधों पर कहा, "मुझे नहीं पता कि रिश्ता अच्छा है या नहीं लेकिन हमें हितधारकों का परामर्श लेना होगा। सरकार केवल एक हितधारक ही नहीं है बल्कि देश  को चलाने की जिम्मेदारी और महत्वपूर्ण नीतियां बनाने का काम भी सरकार का ही है। ऐसे में सरकार और आरबीआई के रिश्तों और उसपर चर्चा किए जाने का सवाल ही पैदा नहीं होता है। 

बता दें कि उर्जित पटेल साल 1990 के बाद पहले ऐसे आरबीआई गवर्नर थे, जिन्होंने अपना कार्यकाल समाप्त होने से पहले ही इस्तीफा दे दिया। हाल में पटेल और सरकार के बीच आरबीआई की स्वायत्ता के मुद्दे पर काफी तनाव देखा गया था।

इससे पहले दास ने एक ट्वीट कर कहा, 'भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर की जिम्मेदारी संभाली। आप सभी का शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद।' 

वहीं, वित्त मंत्री अरुण जेटली ने दास को आरबीआई के शीर्ष पद के लिए ‘सही साख’ वाला व्यक्ति बताया। जेटली ने कहा, 'दास एक बहुत वरिष्ठ और अनुभवी नौकरशाह रहे हैं। उनका पूरा कामकाजी जीवन लगभग देश के आर्थिक और वित्तीय प्रबंधन में गुजरा है, भले ही वह भारत सरकार के वित्त मंत्रालय में कार्यरत रहे हों या तमिलनाडु में राज्य सरकार के साथ काम किया हो।' 

शक्तिकांत दास तमिलनाडु कैडर से पूर्व भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी हैं। वह आरबीआई के 25वें गवर्नर नियुक्त किए गए हैं।

जेटली ने कहा कि पटेल के इस्तीफा देने के बाद उनकी नियुक्ति जरूरी थी। उनके हिसाब से दास इस काम के लिए एक दम सही व्यक्ति हैं। वह बहुत ही पेशेवर हैं और कई सरकारों के साथ काम कर चुके हैं। 
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shaktikanta das
आर्थिक मामलों के पूर्व सचिव शक्तिकांत दास ने बुधवार को भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर का पदभार संभाल लिया है। पद संभालने के बाद शक्तिकांत दास ने कहा कि वह कोशिश करेंगे कि इस संस्था की विश्वसनीयता और स्वायत्ता को कायम रख सकें। उनके मुताबिक आरबीआई की सेवा करने का उन्हें यह बड़ा अवसर मिला है। उन्होंने कहा मैं सभी के साथ काम करने और भारतीय अर्थव्यवस्था की बेहतरी में काम करने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करूंगा।

बता दें दास ने ये पद उर्जित पटेल के स्थान पर संभाला है। पटेल ने सोमवार को निजी कारणों का हवाला देते हए अपने पद से अचानक इस्तीफा दे दिया था।

उन्होंने कहा, "मैंने कल सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के सईओ और एमडी की बैठक बुलाई है। बैंकिंग हमारी अर्थव्यवस्था में काफी अहम है। और उसे कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा है, जिन्हें निपटाए जाने की आवश्यकता है। वो बैंकिंग क्षेत्र है जिसपर मैं तुरंत ध्यान केंद्रित करना चाहता हूं।"

क्या कहा आरबीआई और सरकार के संबंध पर 

दास ने केंद्र और आरबीआई के संबंधों पर कहा, "मुझे नहीं पता कि रिश्ता अच्छा है या नहीं लेकिन हमें हितधारकों का परामर्श लेना होगा। सरकार केवल एक हितधारक ही नहीं है बल्कि देश  को चलाने की जिम्मेदारी और महत्वपूर्ण नीतियां बनाने का काम भी सरकार का ही है। ऐसे में सरकार और आरबीआई के रिश्तों और उसपर चर्चा किए जाने का सवाल ही पैदा नहीं होता है। 

बता दें कि उर्जित पटेल साल 1990 के बाद पहले ऐसे आरबीआई गवर्नर थे, जिन्होंने अपना कार्यकाल समाप्त होने से पहले ही इस्तीफा दे दिया। हाल में पटेल और सरकार के बीच आरबीआई की स्वायत्ता के मुद्दे पर काफी तनाव देखा गया था।

इससे पहले दास ने एक ट्वीट कर कहा, 'भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर की जिम्मेदारी संभाली। आप सभी का शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद।' 

वहीं, वित्त मंत्री अरुण जेटली ने दास को आरबीआई के शीर्ष पद के लिए ‘सही साख’ वाला व्यक्ति बताया। जेटली ने कहा, 'दास एक बहुत वरिष्ठ और अनुभवी नौकरशाह रहे हैं। उनका पूरा कामकाजी जीवन लगभग देश के आर्थिक और वित्तीय प्रबंधन में गुजरा है, भले ही वह भारत सरकार के वित्त मंत्रालय में कार्यरत रहे हों या तमिलनाडु में राज्य सरकार के साथ काम किया हो।' 

शक्तिकांत दास तमिलनाडु कैडर से पूर्व भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी हैं। वह आरबीआई के 25वें गवर्नर नियुक्त किए गए हैं।

जेटली ने कहा कि पटेल के इस्तीफा देने के बाद उनकी नियुक्ति जरूरी थी। उनके हिसाब से दास इस काम के लिए एक दम सही व्यक्ति हैं। वह बहुत ही पेशेवर हैं और कई सरकारों के साथ काम कर चुके हैं। 
 

जल्द ही सार्वजनिक बैंकों के प्रमुखों से मुलाकात करेंगे दास

रिजर्व बैंक के नवनियुक्त गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि इस महान संस्था की विश्वसनीयता व स्वायत्ता कको बनाए रखना उनकी प्राथमिकता में शामिल होगा। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए समय-समय पर आवश्क कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह जान कर खुशी हुई कि मुद्रास्फीति अनुकूल परिदृश्य के साथ निर्धारित लक्ष्य के दायरे में है।

आरबीआई और सरकार के बीच चल रहे विवादों को लेकर दास ने कहा कि वह इन विवादों में नहीं जाना चाहते। हालांकि, उन्होंने कहा कि हर संस्थान को अपनी स्वायत्ता बनाए रखनी होती है और जवाबदेही निभानी होती है। दास ने कहा कि वह सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार हैं और जल्द ही सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के प्रमुखों से साथ मुलाकात करेंगे। 
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