कॉरपोरेट गवर्नेस के उच्च मानकों से ही देश वैश्विक स्तर पर मजबूत स्थिति में पहुंच सकता है। इसलिए सरकार सेबी के साथ मिलकर यह तय करने में लगी है कि कंपनियों के अनैतिक व्यवहार और आदेश के अनुसार न काम करने को शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जाए।
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सीआईआई समिति में शुक्रवार को कॉरपोरेट मामलों के सचिव इंजेती श्रीनिवास ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि यह जरूरी है कि कंपनियां यह निश्चित करें कि वे सामाजिक दायित्व और सर्वश्रेष्ठ शासन मानकों का पालन कर रही हैं। अगर कंपनियां इनका पालन नहीं करेंगी तो उन्हीं गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
कॉरपोरेट गवर्नेंस पर सेबी समिति के चेयरमैन उदय कोटक ने कहा कि कॉरपोरेट गवर्नेस का अर्थ शेयर होल्डर्स के साथ सही नीति, बोर्ड का दीर्घकालीन नीतियों पर ध्यान देगा और लघुकालीन तिमाही का दबाव न होना है।
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उन्होंने ट्रस्ट मॉडल को बढ़ावा देने की बात कही ताकि हर हिस्सेदार को उसका सही हिस्सा मिल सके। सीआईआई के कारपोरेट गवर्नेंस काउंसिल चेयरमैन केकी मिस्त्री ने कहा कि अच्छे गवर्नेंस को बढ़ावा देने वाली कंपनियों को प्रतिस्पर्धा में फायदा मिलता है। साथ ही उनका सम्मान और निवेशकों का भरोसा भी बढ़ता है।