बाजार नियामक सेबी निवेशकों की शिकायतों को सुनने, उसका ब्योरा बनाने और निपटारे में मदद के लिए एजेंसी बनाने की तैयारी कर रहा है। यह एजेंसी निवेशकों की भौतिक और इलेक्ट्रॉनिक रूप में की गई शिकायतें प्राप्त करेगी और उनका वर्गीकरण निपटारे के लिए भेजेगी।
भारतीय प्रतिभूति एवं विनियामक बोर्ड (सेबी) ने शुक्रवार को नोटिस जारी कर बताया कि सेवा के लिए चुनी जाने वाली एजेंसी को निवेशकों की इन शिकायतों की स्थिति पर ऑनलाइन नजर रखनी होगी। साथ ही उस पर कार्रवाई रिपोर्ट तैयार करने और सेबी के ऑनलाइन शिकायत मंच स्कोर्स पर शिकायतों की स्थिति अपडेट करने की भी जिम्मेदारी होगी।
एजेंसी नियुक्त करने के लिए सेबी ने निर्धारित प्रारूप में 3 दिसंबर तक आवेदन मांगे हैं। सेबी ने कहा कि नियुक्ति पाने वाली एजेंसी मामले से जुड़ी इकाइयों या कंपनियों को शिकायतेें भेजेगी और इसकी जानकारी ई-मेल के जरिये निवेशकों को भी देगी।
50 लाख सालाना आय जरूरी
सेबी ने नोटिस में बताया है कि इस काम के लिए आवेदन करने वाली एजेंसियों के पास पंजीयक एवं हस्तांतरण या डिपॉजिटरी सेवाओं में काम करने का अनुभव होना चाहिए। इसके अलावा आवेदन करने वाली कंपनियों की पिछले तीन साल में औसत आय 50 लाख रुपये सालाना से कम नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा पिछले पांच वर्षों में लगातार दो साल एजेंसी को कोई घाटा नहीं होना चाहिए।