वार्षिक रिपोर्ट में कहा गया है कि उसे 31 मार्च, 2022 तक 19,650 आवेदन मिले, जिसमें रिफंड के कुल 82.31 करोड़ रुपये के दावे शामिल थे। इसमें से उसने 17,526 मामलों में 68 करोड़ रपुये के ब्याज सहित 138 करोड़ रुपये का रिफंड जारी किया।
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने अपनी एक हालिया वार्षिक रिपोर्ट में जानकारी दी है कि उसने एक दशक के दौरान सहारा की दो कंपनियों के निवेशकों को 138 करोड़ रुपये रिफंड किए हैं। इसके मुताबिक, पुनर्भुगतान के लिए विशेष रूप से खोले गए बैंक खातों में जमा राशि को बढ़ाकर 24 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा हो गई है।
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सुप्रीम कोर्ट की ओर से एक आदेश में सहारा की दो कंपनियों के बॉन्डधारकों को अगस्त 2012 में करीब तीन करोड़ रुपये निवेशकों को ब्याज समेत वापस करने को कहा था। लेकिन, ज्यादातर बॉन्डधारकों के दावों के अभाव में सेबी द्वारा पिछले वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान वापस की गई कुल राशि सिर्फ नौ करोड़ रुपये बढ़ी। वहीं सेबी-साहारा रिफंड खातों में शेष राशि इस दौरान 1,515 करोड़ रुपये बढ़ी।
इस वार्षिक रिपोर्ट में कहा गया है कि उसे 31 मार्च, 2022 तक 19,650 आवेदन मिले, जिसमें रिफंड के कुल 82.31 करोड़ रुपये के दावे शामिल थे। इसमें से उसने 17,526 मामलों में 68 करोड़ रपुये के ब्याज सहित 138 करोड़ रुपये का रिफंड जारी किया।
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सेबी ने इससे पहले बताया था कि उसने 31 मार्च, 2021 तक कुल 129 करोड़ रुपये का रिफंड दिया है। सेबी ने बताया कि सुप्रीम के विभिन्न आदेशों और कुर्की के नियामकीय आदेशों का पालन करते हुए उसने 31 मार्च, 2022 तक 15,507 करोड़ रुपये तक की वसूली की है। इस अवधि तक बैंकों में जमा रासि 24,076 करोड़ रुपये है। 31 मार्च, 2021 तक यह राशि 23,191 करोड़ रुपये और 31 मार्च, 2020 तक 21,770.70 करोड़ रुपये थी।