सरकार के दवाब में आकर सभी प्रमुख बैंको ने UPI पर लगने वाले चार्ज को वापिस लेने का फैसला ले लिया हैं। शुक्रवार को NPCI से मीटिंग के बाद बैंक आगे की रणनीति तय करेंगे। HDFC बैंक के एक अधिकारी ने अमरउजाला से बात करते हुए यह जानकारी दी।
बता दें कि यूनीफाइड पेमेंट इंटरफेस यानी यूपीआई के चालू होने के दो साल बाद बैंकों ने इसके जरिये मनी ट्रांसफर पर चार्ज लगाना शुरू कर दिया। इस मामले में भारतीय स्टेट बैंक ने एक जून से यह चार्ज लगाना शुरू कर दिया था जबकि निजी क्षेत्र के बड़े बैंक एचडीएफसी ने कस्टमर्स को ईमेल भेजकर यूपीआई ट्रांजैक्शंस पर चार्ज लागू करने की जानकारी दी थी। अकाउंट होल्डर्स को भेजे गए ई-मेल में एचडीएफसी बैंक ने कहा कि यूपीआई पर 10 जुलाई से चार्ज वसूला जाएगा।
एसबीआई के अनुसार अगर आप स्टेट बैंक के अलावा किसी दूसरे बैंक के एटीएम से पैसे निकालते हैं तो आपको 20 रुपए अतिरिक्त चार्ज देना होगा। इसके अलावा एसबीआई के एटीएम से पांच से ज्यादा बार पैसे निकालने पर भी आपको 10 रुपए का अतिरिक्त चार्ज देना होगा।लेकिन अकाउंट में 25 हजार से अधिक बैलेंस रखने वालों के लिए राहत की खबर थी। ऐसे लोगों को एसबीआई एटीएम से पैसे निकालने पर कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं देना होगा। जबकि 1 लाख रुपए से अधिक बैलेंस रखने पर आपको दूसरे बैंकों के एटीएम से पैसे निकालने पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा।
हालांकि, इस संबंध में एसबीआइ की डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर मंजू अग्रवाल ने कहा था कि बैंक ने यूपीआइ चार्ज के बारे में सूचना अपनी वेबसाइट पर दी थी। लेकिन उन्होंने कहा कि यह जल्दी ही वापस हो जाएगा और चार्ज लगाने की सूचना भी हटा ली जाएगी।