वायुसेना के लिए अडानी ग्रुप का फाइटर जेट बनाने का प्लान है। इसके लिए ग्रुप ने स्वीडन की कंपनी SAAB के साथ हाथ मिलाने जा रही है। SAAB विश्व में डिफेंस सेक्टर के लिए एयरोस्पेस प्रोडक्ट बनाने के लिए काफी मश्हूर कंपनी है।
बिजनेस स्टैण्डर्ड के मुताबिक जल्द ही दोनों कंपनियां आपस में डील कर सकती हैं। इसके बाद दोनों संयुक्त तौर पर वायुसेना के लिए फाइटर जेट बनाने के लिए बिड करेंगे। इससे पहले टाटा और लॉकहिड मॉर्टिन ने पार्टनरशिप डील साइन की है।
वायुसेना ने नहीं किया अभी तक प्रोजेक्ट के लिए फाइनल
हालांकि वायुसेना ने अपने प्रोजेक्ट के लिए किसी को भी फाइनल नहीं किया है। केंद्र सरकार के निर्देशानुसार और मेक इन इंडिया के तहत वायुसेना केवल भारतीय कंपनी को यह प्रोजेक्ट देगी। पार्टनरशिप को अमली जामा पहनाने के लिए SAAB के प्रेसीडेंट और सीईओ हरकान बुस्खे दिल्ली पहुंच रहे हैं।
अभी वायुसेना ने केवल विदेशी एयरोस्पेस कंपनियों को लेटर भेजकर जानना चाहा है कि क्या वो इस प्रोजेक्ट को करने के लिए इच्छुक हैं। लेकिन रक्षा मंत्रालय ने इसके लिए अभी बिडिंग प्रोसेस शुरू नहीं किया है। केंद्र सरकार वायुसेना के लिए 100-200 सिंगल इंजन फाइटर जेट बनाने के लिए प्रोजेक्ट तैयार किया है।