रिलायंस इंडस्ट्रीज के राइट्स इश्यू को निवेशकों का चौतरफा जोरदार समर्थन मिला और अंतिम तिथि से दो दिन पहले ही यह आकार के मुकाबले 1.1 गुना सब्सक्राइब हो गया। देश का यह सबसे बड़ा राइट इश्यू 20 मई को खुला था और ये तीन जून को बंद होगा। कंपनी ने इस इश्यू से 53,125 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बनाई है। निवेशकों को शेयर खरीदने का मौका तीन जून तक मिलेगा।
इस इश्यू में कंपनी ने अपने शेयरधारकों को 42.26 करोड़ शेयर ऑफर किए थे। शेयर बाजार से मिली जानकारी के अनुसार एक जून तक 46.04 करोड़ शेयरों के लिए आवेदन मिल चुके हैं। राइट इश्यू के ओवरसब्सक्रिप्शन का एक ही मतलब है कि शेयरधारक अपने एंटाइटेलमेंट से अधिक शेयरों के लिए भाव लगा रहे हैं। इस तरह के राइट इश्यू में संस्थागत निवेशक आखिरी दिनों में ही शेयर को खरीदने की सहमति देते हैं। इसलिए बचे हुए दो दिनों में राइट इश्यू के खरीददारों की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है।
रिलायंस में 25 लाख से अधिक रिटेल शेयरधारकों के अलावा 1700 से अधिक संस्थागत शेयरधारक हैं। इनमें घरेलू और विदेशी दोनों तरह के संस्थान शामिल हैं। अप्रैल- मई 2019 में जारी हुए एयरटेल और वोडाफोन के राइट इश्यू जो रिलायंस के राइट्स इश्यू से कीमत में आधे से भी कम थे, वो 5 से 8 फीसदी ओवर सब्स्क्राइब्ड हुए थे। जबकि कोरोना काल में भी रिलायंस का राइट्स इश्यू 10 फीसदी अधिक सब्सक्राइब हो चुका है और अभी दो दिन बाकी बचे हैं।
रिलायंस के राइट इश्यू से पहली बार शेयर बाजारों में राइट्स इश्यू की ऑनलाइन ट्रेडिंग शुरू हुई। इस ट्रेडिंग में भी निवेशकों ने खूब चांदी काटी। शेयरधारकों को कुल 9500 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई हुई। रिलायंस तीन दशक में यह पहला राइट इश्यू लाई है और पंद्रह शेयर पर एक शेयर ऑफर किया जा रहा है।