आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि अर्थव्यवस्था में सुधार और महंगाई के उच्च स्तर पर रहने के कारण ब्याज दरों में कटौती नहीं करने का फैसला सही कदम है।
शुक्रवार को पिछली मौद्रिक नीति समिति बैठक के मिनट्स जारी करते हुए दास ने कहा, महामारी के प्रभाव से अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए शुरू की गई नीतियों को समय से पहले वापस लेना सही नहीं होगा। इसका असर अर्थव्यवस्था में तेजी से हो रहे सुधार पर पड़ेगा।
आरबीआई गनर्वर ने कहा, कुल मिलाकर खुदरा महंगाई के उच्च स्तर पर रहने के कारण एमपीसी बैठक में ब्याज दरों को यथावत रखने का फैसला किया गया। अभी आर्थिक वृद्धि दर को व्यापक और टिकाऊ बनाने के लिए समर्थन की निरंतर जरूरत है।
केंद्रीय बैंक अपने तरलता प्रबंधन कार्यों के साथ घरेलू स्थिरता को बनाए रखने के लिए बाहरी दबावों का असर नहीं पड़ने देगा। साथ ही हालात को देखते हुए समय-समय पर तरलता बनाए रखने के साथ अन्य उपाय करेगा।
महंगाई से निपटने के लिए पहले से कम गुंजाइश
केंद्रीय बैंक के डिप्टी गवर्नर पात्रा ने कहा, अर्थव्यवस्था सुधार की ओर बढ़ रही है। महंगाई के दबाव से निपटने के लिए एमपीसी के पास पहले के मुकाबले कम गुंजाइश है।
उन्होंने कहा, अक्तूबर में खुदरा और थोक महंगाई में 6.1 फीसदी का अंतर रहा, जो एक रिकॉर्ड है। 2015 से 2019 के दौरान यह अंतर औसतन 3 फीसदी रहा था, जबकि कोरोना महामारी में फंसने से पहले फरवरी, 2020 में खुदरा और थोक महंगाई में अंतर 4.3 फीसदी था।
केंद्रीय बैंक ने मौजूदा आर्थिक स्थिति की समीक्षा की
आरबीआई के केंद्रीय बोर्ड ने शुक्रवार को वैश्विक और घरेलू चुनौतियों को देखते हुए मौजूदा आर्थिक स्थिति की समीक्षा की। परिचालन वाले विभिन्न क्षेत्रों मसलन ग्राहक शिक्षा पहल और उपभोक्ता शिकायतों के निपटान की भी समीक्षा की। आरबीआई ने कहा, केंद्रीय बोर्ड ने भारत में बैंकिंग के रुख और प्रगति पर मसौदा रिपोर्ट 2019-20 पर चर्चा की।
साथ ही केंद्रीय बैंक के वित्त वर्ष को जुलाई-जून से बदलकर अप्रैल-मार्च करने और प्रस्तुतीकरण की इकाई को मिलियन/बिलियन से लाख/करोड़ करने पर भी संज्ञान लिया।
बैठक में आरबीआई के डिप्टी गवर्नरों के साथ बोर्ड के निदेशक एन चंद्रशेखरन, अशोक गुलाटी, मनीष सभरवाल, प्रसन्ना कुमार मोहंती, दिलीप एस सांघवी, सतीश के मराठे, एस गुरुमूर्ति और रेवती अय्यर ने भी हिस्सा लिया। आर्थिक मामलों के विभाग के सचिव तरण बजाज और वित्तीय सेवा विभाग के सचिव देवाशीष पांडा भी बैठक में शामिल हुए।