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बैंकों के लिए अच्छी खबर, एनपीए घटने से बैंकिंग क्षेत्र में आ रहा सुधार

Tue, 01 Jan 2019 08:35 AM IST
अजय सिंह बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • एनपीए घटकर 10.8 प्रतिशत पर आ गया जो मार्च 2018 में 11.5 प्रतिशत था।
  • निजी क्षेत्र के बैंकों का सकल एनपीए 3.8 प्रतिशत पर आ गया जो मार्च में 4 प्रतिशत था।
  • 21 सरकारी बैंकों में से 11 को पीसीए की निगरानी में रखा गया है। 
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विस्तार
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रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने सोमवार को कहा कि फंसे कर्ज की वसूली से एनपीए में गिरावट आई है और बैंकिंग क्षेत्र बड़े सुधार की ओर बढ़ रहा है। लेकिन सरकारी बैंकों को अपने कामकाज में बदलाव करना होगा।

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आरबीआई की अर्द्घवार्षिक वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट (एफएसआर) को पेश करते हुए दास ने कहा कि कमजोर और संकट में फंसे बैंकों को पुनर्पूंजीकरण व्यवस्था के जरिये उबारने की कोशिश है। गवर्नर ने कहा कि भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में लंबे समय बाद सुधार दिख रहा है। तीन वर्षों में पहली बार चालू वित्त वर्ष के सितंबर में सकल एनपीए में गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, एनपीए की राशि अब भी काफी ज्यादा दिख रही है लेकिन आरबीआई के सुधारों का अनुपात बढ़ रहा है। केंद्र सरकार की चालू वित्त वर्ष में 41 हजार करोड़ रुपये अतिरिक्त देने की घोषणा के बाद बैंकिंग क्षेत्र में और सुधार आने की उम्मीद है। आने वाले समय में बैंकों की कर्ज वसूली में दिवालिया एवं ऋणशोधन अक्षमता कानून (आईबीसी) काफी मददगार होगा, लेकिन इसके लिए तय समय-सीमा का पालन करना बेहद जरूरी है।

केंद्रीय बैंक के गवर्नर ने वित्तीय क्षेत्र में व्यापक सुधार के लिए नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों की मजबूती पर भी जोर दिया। कहा, खुदरा कर्ज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली इन कंपनियों को अपने जोखिम प्रबंधन पर विशेष ध्यान देना होगा। आईएलएंडएफएस जैसे एनबीएफसी समूह पर 93 हजार करोड़ रुपये का कर्ज है। जीडीपी वृद्घि के मुद्दे पर कहा कि वर्तमान 7.1 फीसदी की तेजी उम्मीद से थोड़ी कम है।

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पहली छमाही में एनपीए कम हुआ
चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही (सितंबर) में बैंकों का सकल एनपीए घटकर 10.8 प्रतिशत पर आ गया जो मार्च 2018 में 11.5 प्रतिशत था। आरबीआई ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि मार्च 2015 के बाद पहला मौका है, जब इसमें कमी आई है। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का सकल एनपीए सितंबर 2018 में कम होकर 14.8 प्रतिशत रहा जो मार्च 2018 में 15.2 प्रतिशत था। वहीं, निजी क्षेत्र के बैंकों का सकल एनपीए 3.8 प्रतिशत पर आ गया जो मार्च में 4 प्रतिशत था। यह स्थिति बनी रही तो सकल एनपीए अनुपात मार्च 2019 तक कम होकर 10.3 प्रतिशत पर आ सकता है।

घाटा कम करने में मददगार पीसीए ढांचा
आरबीआई ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई (पीसीए) ढांचे से बैंकों का घाटा कम करने में मदद मिलेगी। 21 सरकारी बैंकों में से 11 को पीसीए की निगरानी में रखा गया है। इसके तहत इन बैंकों को नया कर्ज देने या नई शाखाएं खोलने पर रोक लगा दी गई थी। पिछली चार तिमाहियों में इन 11 बैंकों के फंसे कर्ज का घाटा 50 फीसदी से कम हो गया है। यह 73,500 हजार करोड़ रुपये से घटकर 34,200 करोड़ रुपये पर आ गया है।
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