कम पैसों के ऑनलाइन लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए आरबीआई ने 2000 रुपये तक के ऑनलाइन कार्ड ट्रांजेक्शन के नियमों में ढील दी है। आरबीआई ने ट्रांजेक्शन के लिए कार्ड का ब्योरा देने की आवश्यकता को समाप्त कर दिया है। ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के लिए अनिवार्य सत्यापन प्रक्रिया होती है इसमें एक स्टेप वन टाइम पास्वर्ड (ओटीपी) का भी होता है। इसी को समाप्ट करने के लिए आरबीआई ने यह हल निकाला है।
यह सुविधा कार्ड देने वाला बैंक अपने ग्राहकों के लिए विकल्प के तौर पर कार्ड नेटवर्क के पेमेंट सत्यता के सॉल्यूशन की पेशकश करेगा। कोई व्यक्ति अगर इस विकल्प को चुनता है तो उसको एक बार रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होगा। रजिस्ट्रेश कराने के बाद ग्राहकों को कार्ड के बारे में जानकारी देने की आवश्यकता नहीं होगी। ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के समय इस एक स्टेप के कम होने से ग्राहकों को काफी आसानी होगी।