नए वित्त वर्ष की शुरुआत में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) सस्ते कर्ज का तोहफा देगा या नहीं इस पर गुरुवार को फैसला लेगा। गुरुवार को सेंट्रल बैंक नए वित्तीय वर्ष की पहली मौद्रिक समीक्षा नीति का ऐलान करेगा।
बाजार समीक्षकों के मुताबिक, इस बार ऐसी उम्मीद काफी कम है कि रिजर्व बैंक रेपो रेट में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं करेगा। मार्केट एक्सपर्ट के मुताबिक रिजर्व बैंक गर्वनर उर्जित पटेल फरवरी में किए बदलाव को स्थिर रख सकते हैं।
अक्तूबर में हुआ था रेपो रेट में बदलाव
इससे पहले पटेल ने रेपो रेट में 4 अक्तूबर 2016 को कमी करने की घोषणा की थी। तब पटेल ने 25बीपीएस की कटौती की थी। इसके बाद दिसंबर में भी समीक्षा के दौरान पटेल ने रेपो रेट में किसी भी तरह का कोई बदलाव नहीं किया था। अभी रेपो रेट 6.25 फीसदी है।
अभीक बरूआ ने कहा कि रेपो रेट में नहीं होगा बदलाव
देश के जाने-माने इकनॉमिस्ट अभीक बरूआ ने कहा कि रिजर्व बैंक रेपो रेट को इस बार भी स्थिर रखेगा। उनके अनुसार इस तरह सेंट्रल बैंक करेंसी मार्केट में अपना दखल बनाए रखेगा।