फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आरबीआई गवर्नर ने कहा- कर्ज पुनर्गठन योजना से होगा अर्थव्यवस्था में सुधार

Sat, 22 Aug 2020 06:40 AM IST
Jeet Kumar बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास - फोटो : PTI
विज्ञापन

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को कहा कि कर्ज पुनर्गठन योजना से अर्थव्यवस्था पटरी पर लौटेगी। उन्होंने कहा कि आरबीआई की यह योजना मोरेटोरियम की जगह लेगी, जो इसी महीने खत्म हो रही है। मोरेटोरियम समस्या का स्थायी समाधान नहीं है बल्कि यह लॉकडाउन के लिए एक फौरी समाधान था।  

विज्ञापन


केंद्रीय बैंक के गवर्नर ने कहा, कोविड-19 महामारी के कारण बैंकों की वित्तीय सेहत प्रभावित हुई है। इसके अलावा, कंपनियों को भी भारी दबाव का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में कर्ज पुनर्गठन योजना के लिए किए गए उपायों से वित्तीय संकट से जूझ रही कंपनियों की समस्या दूर होंगी।


उन्होंने कहा, कर्ज पुनर्गठन के लिए कंपनियों की पात्रता की शर्तें 6 सितंबर, 2020 को घोषित की जाएंगी। इससे पहले एक विशेषज्ञ समिति वित्तीय मापदंडों पर विचार करेगी और बैंक उन खातों की पहचान करेंगे, जिनका वे पुनर्गठन करना चाहते हैं। दास ने कहा, हम कोरोना महामारी के खिलाफ लड़ाई में जरूर कामयाब होंगे। हालांकि, यह कहना मुश्किल है कि इसमें कितना समय लगेगा।
विज्ञापन


एनपीए दो दशक के उच्चतम स्तर पर
दास ने कहा, कोरोना महामारी के कारण अर्थव्यवस्था के चार दशक से अधिक समय में पहली बार नकारात्मक रहने की आशंका बताई जा रही है। हालांकि, सरकार इसे उबारने के लिए प्रयास कर रही है। साथ ही वह वित्तीय क्षेत्र को भी कमजोर नहीं करना चाहती है।

उन्होंने कहा, महामारी के कारण बैंकों का फंसा कर्ज बहुत ज्यादा बढ़ गया है। एनपीए दो दशक के उच्चतम स्तर पर पहुंचने वाला है। बैंक तरलता बढ़ाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

नियामकीय मदद देने की कोशिश
आरबीआई गवर्नर ने कहा कि हम कोशिश कर रहे हैं कि कंपनियों ने जो कर्ज ले रखा है, उस पर उन्हें बैंकों से कुछ नियामकीय मदद मिल जाए। इससे उन्हें अपना कामकाज पटरी पर लाने में मदद मिलेगी। इससे नौकरियां बची रहेंगी और अर्थव्यवस्था सुधार की ओर बढ़ेगी। मोरेटोरियम की अवधि 31 अगस्त को खत्म हो रही है।

ऐसी आशंका है कि इसके बाद फंसे कर्ज की समस्या और विकराल हो सकती है। इस पर दास ने कहा, नई योजना के तहत बैंक मोरेटोरियम को बढ़ा सकते हैं या कर्जदारों को नया मोरेटोरियम दे सकते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें