एक साल में रेलवे सभी जोन में 10900 कर्मचारियों के पद समाप्त कर देगा। यह वह कर्मचारी हैं, जो इस वर्ष रिटायर हो रहे हैं और उनकी जगह नई भर्ती नहीं की जाएंगी। इनमें सबसे कम 150 पद उत्तर मध्य रेलवे में समाप्त किए जाएंगे। सभी जोनल रेलवे को आदेश जारी कर दिए गए हैं। मंडल रेल प्रशासन ने आदेश पर काम करना शुरू कर दिया है।
रेलवे एक तरफ नई ट्रेनों को शुरू कर रहा है। नए स्टेशन भी बन रहे हैं। साथ ही हर महीने सैकड़ों कर्मचारी सेवानिवृत्त हो रहे हैं। वर्तमान में रेलवे में 11 लाख कर्मचारी कार्यरत हैं और 2.45 लाख की कमी है। कर्मचारियों की कमी के कारण रेलवे को करोड़ों रुपये ओवर टाइम के देने पड़ रहे हैं।
इसके बाद भी रेलवे बोर्ड हर साल दो प्रतिशत कर्मचारियों के पद खत्म करता जा रहा है। 2017-18 वित्तीय सत्र में सभी 16 जोन में 10900 पद खत्म करने के निर्देश जारी किए गए हैं। इनमें मध्य रेलवे में 1000, पूर्व रेलवे में 1000, पूर्व मध्य रेलवे में 300, पूर्व तटीय रेलवे में 700, उत्तर रेलवे में 1500, उत्तर मध्य रेलवे में 150, उत्तर पूर्व रेलवे में 700, पूर्वोत्तर रेलवे में 550, उत्तर पश्चिम रेलवे में 300, दक्षिण रेलवे में 1500, दक्षिण मध्य रेलवे में 800, दक्षिण पूर्व रेलवे में 800, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में 400, दक्षिण पश्चिम रेलवे में 200, पश्चिम रेलवे में 700 और पश्चिम मध्य रेलवे में 300 पद होंगे।
झांसी रेल मंडल के पीआरओ मनोज कुमार सिंह ने बताया कि रेलवे की गाइड लाइन के अनुरूप की पोस्ट सरेंडर की जा रही है।
बढ़ रहे हैं अफसर
झांसी रेल मंडल में ब्रांच (विभाग) अफसरों की संख्या में लगातार बढ़ोत्तरी होती जा रही हैं। जिस ब्रांच का काम पहले एक ही अफसर देखते थे, अब वहां समान पद पर चार-चार अफसरों की तैनाती हैं। जैसे कि पहले इंजीनियरिंग विभाग के वरिष्ठ मंडल अभियंता (समन्वय की प्रमुख अधिकारी) थे अब इस विभाग में वरिष्ठ मंडल अभियंता नॉर्थ, साउथ और ईस्ट के पद भी सृजित कर दिए गए हैं।
इन सभी पदों पर समान रैंक के अधिकारी तैनात हैं। इसी तरह सिग्नल एवं दूरसंचार विभाग का पूरा काम वरिष्ठ मंडल सिग्नल एवं दूरसंचार अभियंता (समन्वय) देखते थे, अब उनके अलावा वर्क्स, निर्माण और नॉर्थ सेंट्रल रेलवे प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट के पद सृजित कर दिए गए हैं। इसी तरह वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक पद पर दो अफसर काम देख रहे हैं।
इनमें एक मुख्य शाखा प्रबंधक है और दूसरों को सामान्य एवं गुड्स का प्रभारी बना दिया गया है। मंडल परिचालन प्रबंधक पद पर एक ही जगह तीन अफसर तैनात हैं। इस व्यवस्था के कारण अफसरों के सभी महत्वपूर्ण पदों पर काम को बोझ हल्का हो गया है।
ऐसे कैसे चलेगी ट्रेनें?
रेलवे में लगातार कर्मचारियों की कमी होती जा रही है। ऐसे में ट्रेनें कैसे चलेगी? इस बारे में सरकार कोई विचार नहीं कर रही है। ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन ने 1090 पद समाप्त करने का विरोध जताया है और इसको लेकर एक पत्र रेलवे बोर्ड को लिखा है।
आरएन यादव, मंडल सचिव नॉर्थ सेंट्रल रेलवे मेंस यूनियन।
घटने नहीं, बढ़ने चाहिए
नई ट्रेनों, नए इंजन और एन कोचों के मेंटेनेंस के लिए नए पद सृजित कर कर्मचारियों की संख्या बढ़नी चाहिए। कर्मचारियों को कम करने का तो सवाल ही नहीं होना चाहिए। किसी भी कीमत पर इन पदों को खत्म नहीं होने दिया जाएगा।
वीजी गौतम, मंडल सचिव नॉर्थ सेंट्रल रेलवे इंप्लाइज संघ।