जहां तक संपत्ति की खरीद के लिए ऑनलाइन सर्च की बात है, तो इसमें महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। दोनों पोर्टल पर बिताए गए समय में महिलाओं की हिस्सेदारी साल 2016 के 40 फीसदी से बढ़कर साल 2018 में अब तक 46 फीसदी पर पहुंच गई है।
हाउसिंग डॉट कॉम, मकान डॉट कॉम तथा प्रोपटाइगर डॉट कॉम के मुख्य उत्पाद प्रौद्योगिकी अधिकारी रवि भूषण ने कहा कि संपत्तियों को किराये पर लेने तथा उनकी खरीद करने को लेकर फैसले लेने के मामले में हम महिलाओं की भूमिका बढ़ती हुई देख रहे हैं। महिलाएं दिन-प्रतिदिन वित्तीय रूप से स्वतंत्र हो रही हैं, जिसके कारण संपत्ति से संबंधित मामलों में फैसले लेने में उनकी भूमिका बढ़ रही है, चाहे उन्हें अकेले रहना हो या अपने परिवार के साथ।
आधुनिक महिलाओं को रियल्टी की समझ
रवि भूषण ने कहा कि फैसले लेने के पैटर्न पर बारीकी से गौर करें, तो हमें यह संकेत मिलता है कि रियल्टी संबंधित फैसले लेने में आधुनिक महिलाएं बेहद सक्रिय और शामिल हैं, जो एक समझदार व स्वतंत्र आधुनिक महिला के विशिष्ट लक्षणों को दर्शाता है।
अध्ययन में यह बात भी सामने आई है कि महिलाएं न केवल किराये पर घर लेने के लिए उन्हें शॉर्टलिस्ट या उनका चयन कर रही हैं, बल्कि इसके लिए लेनदेन में भी उनकी भागीदारी बढ़ रही है। आंकड़ों के मुताबिक, किराये पर संपत्ति लेने के लिए महिलाओं द्वारा ब्रोकरों या मकान मालिकों को अपना कॉन्टैक्ट इन्फॉर्मेशन देने की संभावना अधिक होती है। वहीं, पुरुष इस मामले में महिलाओं से थोड़ा ही आगे हैं। संपत्तियों की खरीद में पुरुषों की हिस्सेदारी 51 फीसदी है। यह अध्ययन दोनों पोर्टल के औसत 1.5 करोड़ मासिक उपयोगकर्ताओं के आंकड़ों पर आधारित है।