अगले साल प्रभावित होगा रियल एस्टेट उद्योग
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लि. के मुख्य अर्थशास्त्री निखिल गुप्ता ने कहा कि आवासीय रियल एस्टेट क्षेत्र में पिछले 18-24 महीने में शानदार प्रदर्शन किया है। हालांकि, आने वाली तिमाहियों में क्षेत्र को विपरीत परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है। 2023 में रियल्टी उद्योग कुछ हद तक प्रभावित हो सकता है।
आठ प्रमुख शहरों में मकानों के दाम पांच फीसदी बढ़े
देश के आठ प्रमुख शहरों में इस साल के पहले नौ महीने यानी जनवरी-सितंबर में मकानों की कीमतें करीब 5 फीसदी बढ़ी गईं। लागत में बढ़ोतरी और मकानों की मजबूत मांग से कीमतों में इजाफा हुआ है। संपत्ति ब्रोकरेज कंपनी प्रॉपटाइगर डॉटकॉम के मुताबिक, सितंबर तिमाही तक इन शहरों के प्राथमिक बाजारों में आवासीय संपत्तियों की औसत कीमत 6,600-6,800 रुपये प्रति वर्ग फुट थी। 2021 की दिसंबर तिमाही तक यह 6,300-6,500 रुपये प्रति वर्ग फुट थी।
- दिल्ली-एनसीआर में कीमतें 5 फीसदी बढ़कर 4,700-4,900 रुपये प्रति वर्ग फुट पहुंच गईं। अहमदाबाद में दाम 5 फीसदी बढ़कर 3,600-3,800 रुपये, बंगलूरू में 6% बढ़कर 5,900-6,100 रुपये और चेन्नई में 2% वृद्धि के साथ 5,500-5,700 रुपये प्रति वर्ग फुट पहुंच गए।
- हैदराबाद में कीमतें 4 फीसदी, कोलकाता में 3%, महाराष्ट्र के शीर्ष दो बाजारों मुंबई एवं पुणे में क्रमशः 3% और 7% बढ़ी हैं।