कई सालों बाद आया ऐसा बजट
रियल एस्टेट कंपनी सुपरटेक के चेयरमैन आरके अरोड़ा ने कहा कि कई सालों के बाद हमने ऐसा बजट देखा है, हम इसका स्वागत करते हैं। माननीय वित्तमंत्री जी ने किसी न किसी तरह लगभग हर भारतीय के जीवन में सुधार लाने का प्रयास किया है।
मध्यम आय वर्ग के लिए कर में छूट का प्रस्ताव अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक कदम है, क्योंकि बहुत से लोगों के पास खर्च करने, बचत करने और निवेश करने के लिए धन है। मध्यम वर्ग अब किराए की आय पर कर की चिंता किए बिना हालीडे होम का सपना देख सकता है।
हमें खुशी है कि अफार्डेबल हाउसिंग परियोजनाओं को पूरा करने की समय सीमा धारा 80IBA के तहत बढ़ा दी गई है। यह कई परियोजनाओं के लिए बड़ी राहत है जो किसी न किसी कारण से निर्माण कार्य पूरा होने के लिए जूझ रही हैं।
पिछले कुछ सालों के दौरान रेरा और बेनामी लेनदेन निषेध अधिनियम जैसे नीतिगत बदलावों ने रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता लाने में मदद की है। हमें उम्मीद है कि जीएसटी परिषद भी घर के खरीददारों पर जीएसटी का बोझ कम कर अनुकूल फैसला लेगा।
हमें उम्मीद है कि जीएसटी परिषद के मंत्री जल्द ही इस संदर्भ में घर के खरीददारों के अनुकूल फैसला सुनाएंगे। यह घोषणा की गई है कि 1.53 करोड़ घर बन चुके हैं, जो पूर्व दर से 5 गुना है, यह ऐलान अपने आप में सराहनीय है।
हम इस उपलब्धि पर सरकार को बधाई देना चाहते हैं। आने वाले सालों में हम सरकार के साथ मिलकर सुनिश्चित करेंगे कि भारतीय रियल एस्टेट उद्योग तीव्र गति से विकसित हो और दुनिया भर के लिए उदाहरण बन जाए।
अफोर्डेबल हाउसिंग के लिए यह दमदार बजट है। इसके अलावा घर खरीदारों को दूसरे घर पर अब रेंट या टैक्स नहीं चुकाना होगा। यह बजट की सबसे खास बात है। सस्ते मकानों का दौर एक बार फिर से शुरू होगा।
- प्रसून चौहान, सीईओ, होमक्राफ्ट
--------------
अनसोल्ड इन्वेंटरी पर टैक्स अब दो साल तक नहीं लगेगा जो बिल्डर के लिए राहत की बात है। बजट एक से ज्यादा मकान वालों के लिए हिट रहा। लोग अब दूसरा घर खरीदना पसंद करेंगे। एक को बेचकर दो घर लेना आसान होगा और नए घरों की मांग बढ़ेगी।
- दिनेश जैन, एमडी, एक्सोटिका हाउसिंग
------------------
इनकम टैक्स स्लैब को 5 लाख तक बढ़ाने का फैसला एक बहुत ही सकारात्मक कदम है। इसके अलावा, एक घर खरीदार जो लक्जरी सेगमेंट में घर खरीदना पसंद करता है, उसे आयकर अधिनियम की धारा 54 के तहत कैपिटल गेन के रोलओवर से लाभान्वित किया जाएगा।
- मनोज गौड़, एमडी, गौर ग्रुप
--------------
सरकार ने इस बजट में रियल एस्टेट को फिर से खुश करने के लिए पर्याप्त कारण दिए हैं। यही नहीं रियल एस्टेट को बिना बिकी हुई संपत्ति पर दो साल तक कोई टैक्स नहीं देने सहित कई अन्य फैसलों से सेक्टर में काफी सकारात्मकता देखने को मिलेगी।
- धीरज जैन, डायरेक्टर, महागुन ग्रुप
-----------------
5 लाख तक की आय के लिए 100 प्रतिशत टैक्स छूट की घोषणा से रियल एस्टेट के फ्लैटों की बिक्री, विशेष रूप से किफायती घर खरीदारों पर बहुत अधिक प्रभाव पड़ेगा। इन सभी फैसलों से हाउसिंग सेक्टर में काफी उछल देखने को मिलेगा।
- अशोक गुप्ता, सीएमडी, अजनारा इंडिया लिमिटेड
स्टार्टअप को मिला बड़ा फायदा
रोपोसो के सीइओ व सह-संस्थापक मयंक भांगड़िया ने कहा कि सरकार ने जो वादा किया था, वो पूरा किया है। किसानों से लेकर स्टार्टअप जगत तक, हर कोई इस बजट से फायदे उठाएगा। देश के गाँव और पिछड़े कस्बों को डिजिटल इंडिया से जोड़ना और उन्हें इंटरनेट की महत्ता समझाना काफी ज़रूरी था।
देश के एक लाख गॉंवों को अलगे पांच साल में डिजिटाइज़ करना भारत की प्रगति में एक महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। माध्यम वर्ग को मिली टैक्स में छुट एक बहुत अच्छा फैसला है। यह बजट उद्यमिता को और बढ़ाएगा और स्टार्टअप जगत के विकास के साथ रोज़गार के नए स्रोत भी बढ़ाएगा। देश के युवाओं के विकास की ओर यह एक बहुत बड़ा कदम है। यही नहीं, इस बजट ने देश के अकुशल मज़दूरों का भी ध्यान रखा है।
श्रमिक, किसान और मध्यम वर्ग का है यह बजट: पनगढ़िया
नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया ने बजट पर कहा कि श्रमिक, किसान और मध्यम वर्ग के लिए यह अंतरिम बजट श्रेष्ठ है। खासतौर पर सरकार ने छोटे किसानों के लिए सीधे छह हजार रुपये सालाना की योजना शुरू कर नई पहल शुरू की है। देश की 65 फीसद आबादी जिस कार्य में यानी कृषि में लगी है और वह तमाम प्राकृतिक व अन्य पीड़ाओं के चलते दो जून की रोटी जुटाने में भी असमर्थ हो जाती है। उन्हें प्रधानमंत्री की इस योजना से सहारा मिलेगा।
खास बात ये है कि सरकार ने रियल एस्टेट सेक्टर को ध्यान में रखकर कैपिटल गेन पर छूट और सस्ते घर के लिए आयकर में छूट को जारी रखा। एक ओर सरकार ने आम आदमी को पांच लाख रुपये तक की आय को इनकम टैक्स मुक्त कर दिया है।
दूसरी ओर सैनिकों को मिलने वाली बोनस राशि को दोगुना कर दिया है। अब सैनिकों को 3,500 रुपये के स्थान पर 7,000 रुपये बोनस के रूप में मिलेंगे। साथ ही ग्रेच्युटी की राशि बढ़ाकर 20 लाख रुपए कर दी गई है।
यह अंतरिम बजट है और सरकार ने उम्मीद से ज्यादा श्रमिक, किसान और मध्यम वर्ग को राहत मुहैया करायी है। छोटे कारोबारियों को राहत देने के लिए सरकारी विभागों द्वारा 25 फीसद खरीद का दरवाजा भी खोला है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों को अगले पांच साल में डिजिटल तकनीक से सबल बनाने का लक्ष्य रखा गया है जो ग्रामीण भारत की तस्वीर बदलने वाला कदम हो सकता है।
उद्योगपति बोले, आर्थिक विकास बढ़ाने वाला बजट
मध्य वर्ग, छोटे कारोबारी और किसान किसी भी आर्थिक विकास की लाइफलाइन होते हैं। 2019 के इस महत्वाकांक्षी बजट में लाखों लोगों के सपनों को पूरा करने की कोशिश की गई है।
-गौतम अडानी, चेयरमैन, अडानी समूह
यह बजट पूरी तरह मध्य वर्ग, ग्रामीण क्षेत्र और किसानों को समर्पित रहा और उनकी आय बढ़ाने में मददगार साबित होगा।
-कृष अय्यर, सीईओ, वालमार्ट इंडिया
बजट-2019 देश के मध्य वर्ग, किसानों और असंगठित क्षेत्र के लाखों कामगारों के लिए राहत का सिलसिला लेकर आया है।
-सुनील दुग्गल, सीईओ, डाबर इंडिया
केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री किसान योजना के तहत छोटे किसानों को प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण जैसी घोषणाओं की हम विशेष रूप से प्रशंसा करते हैं। ये घोषणाएं बाजार के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेंगी।
-साइमन जॉर्ज, अध्यक्ष, कारगिल इंडिया
इस बजट से उपभोक्ताओं के हाथ में खर्च के लिए ज्यादा पूंजी बचेगी। जीएसटी में घरेलू उपकरणों पर टैक्स कम करने के बाद इस कदम से हमारी क्षेत्र की मांग में इजाफा आने की उम्मीद है।
-सुनील डिसूजा, प्रबंध निदेशक, व्हर्लपूल इंडिया
निवेश के मौके बढ़ेंगे और संचालन अनुपात में सुधार की गुंजाइश भी बनेगी। नई सेमी हाई-स्पीड ट्रेन आने से देश की जनता को परिवहन का नया अनुभव भी मिलेगा।
-सुधीर राव, प्रबंध निदेशक, बम्बारडियर ट्रांसपोर्टेशन इंडिया
कॉरपोरेट या उच्च आय वर्ग पर बिना अतिरिक्त बोझ डाले सरकार ने बड़ी राहत देने वाला काफी सकारात्मक बजट पेश किया है।
-हर्षपति सिंहानिया, निदेशक, जेके ऑर्गेनाइजेशन
बजट के जरिये अर्थव्यवस्था के सही जगह पर निशाना
चंद्रजीत बनर्जी, सीआईआई के महासचिव
वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने वर्ष 2019-20 के अंतरिम बजट के जरिये अर्थव्यवस्था में मांग बढ़ाने और विकास दर को प्रोत्साहित करने के लिए सही जगह पर निशाना साधा है। इसके जरिये जहां एक तरफ किसानों और असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों की पीड़ा कम की गई है तो मध्यम वर्ग को आयकर के बोझ से भी राहत दी है। इसके साथ ही राजकोषीय घाटे को काबू में रखने के लिए वित्त मंत्री की प्रशंसा की जानी चाहिए। साथ ही बजट दर्शाता है कि अच्छी राजनीति अच्छे अर्थशास्त्र में तब्दील हो सकती है।
बजट में एक महत्वपूर्ण कदम औपचारिक और अनौपचारिक दोनों क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा का विस्तार करना है जो श्रम सुधारों के लिए पहल को प्रोत्साहित करेगा। मध्यम वर्ग के उपभोक्ताओं के लिए कर राहत अर्थव्यवस्था में समग्र विश्वास को भारी बढ़ावा देगी। सरकार ने विजन 2030 के जरिये बुनियादी ढांचे, सामाजिक क्षेत्रों, प्रौद्योगिकी और स्थिरता जैसे विकास के प्रमुख चालकों के आधार पर देश के लिए एक महत्वाकांक्षी और आकांक्षात्मक दृष्टि की रूपरेखा तैयार की है।
--
गेमचेंजर साबित होगा बजट
परेश पारेख, पार्टनर, लीडर कन्ज्यूमर एंड रिटेल टैक्स
लीडर कन्ज्यूमर एंड रिटेल टैक्स के पार्टनर परेश पारेख का मानना है कि बजट गेमचेंजर है। खासतौर से आयकर में पांच लाख तक की छूट, किसानों की आय बढ़ाने के लिए राहत पैकेज के अलावा अचल संपत्ति में दो साल तक कोई कर नहीं के साथ-साथ आवास व रियल सेक्टर में राहत अर्थव्यवस्था के लिए गेमचेंजर साबित होगा।
आर्थिक विशेषज्ञों की नजर में बजट
वित्त वर्ष 2019 में राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को पाना लगातार मुश्किल होता जा रहा है जो आगामी वित्त वर्ष 2020 के लिए भी आश्चर्यजनक रूप से नकारात्मक दिख रहा है। ऐसे में 2021 के लिए वित्तीय घाटे के लक्ष्य को 3 फीसदी से नीचे लाने पर बड़ा सवालिया निशान लग गया है।
नोमुरा, जापानी वित्तीय सेवा प्रदाता कंपनी
आयकर छूट की सीमा बढ़ाना और गरीब किसानों के लिए न्यूनतम आय तय करने का कदम निश्चित तौर पर खपत बढ़ाने के लिए सकारात्मक है। चालू वित्त वर्ष में वित्तीय घाटे के लक्ष्य से मामूली रूप से चूकने के बावजूद चुनाव को देखते हुए सरकार ने इस ओर कदम बढ़ाया है।
-शुभदा राव, मुख्य अर्थशास्त्री, यस बैंक
किसानों, मध्य वर्ग और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के लिए की गई घोषणाओं से वित्त वर्ष 2020 में राजकोषीय घाटे पर बड़ा दबाव पड़ेगा।
-अरुण सिंह, मुख्य अर्थशास्त्री, डन एंड ब्रैडस्ट्रीट कॉरपोरेशन