यूनिटेक के मौजूदा प्रबंधन के वकील कपिल सिब्बल ने पीठ से गुहार लगाई कि नए निदेशक मंडल में रमेश चंद्र और एक लेखाकार को जगह दी जाए। इससे उनके अनुभवों का घर खरीदारों को काफी लाभ मिलेगा।
पीठ ने सिब्बल की दलील को खारिज करते हुए कहा कि किसी गलतफहमी से बचने के लिए मौजूदा बोर्ड के किसी सदस्य को नए बोर्ड में शामिल करना उचित नहीं होगा। गौरतलब है कि यूनिटेक के प्रमोटर संजय चंद्र और उनके भाई अजय चंद्र खरीदारों के पैसे की हेराफेरी के आरोप में अभी तिहाड़ जेल में बंद हैं।
बंद प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए 25 हजार करोड़
सुनवाई के दौरान फ्लैट खरीदारों की ओर से पेश वकील एमएल लाहौटी ने पीठ से कहा कि सरकार के पास ऐसे बंद पड़े प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए 25 हजार करोड़ का फंड है। लिहाजा यह बताने की जरूरत है कि इसमें से कितनी रकम का इस्तेमाल यूनिटेक के प्रोजेक्ट्स के लिए हो सकता है।