फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बजट 2020: रियल एस्टेट सेक्टर को यह हैं उम्मीदें, दूसरा घर खरीदने और अफोर्डेबल हाउसिंग को मिले बढ़ावा

Thu, 16 Jan 2020 06:18 PM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
फ्लैट - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
बजट के पेश होने से पहले हमेशा की तरह इस बार भी रियल एस्टेट सेक्टर को इससे उम्मीदें हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा इस सेक्टर में जान फूंकने के लिए उठाए गए कदमों के बाद भी अभी इसका नतीजा देखने को नहीं मिला है। सरकार ने पहले से पूरे नहीं हुए और सालों से लंबित पड़े प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के लिए 25 हजार करोड़ रुपये का फंड बनाने की घोषणा की थी।
विज्ञापन


 

लेकिन अभी भी रियल एस्टेट सेक्टर चाहता है कि आगामी बजट में केंद्र सरकार दूसरा घर खरीदने और अफोर्डेबल हाउसिंग को बढ़ावा दें। सिग्नेचर सत्त्वा के चेयरमैन परवीन अग्रवाल ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि आने वाले बजट से हम उम्मीद करते हैं कि सरकार कुछ नहीं दिशा में काम करे, जैसे सिंगल विंडो क्लीयरेंस  लाकर उसमें समय निर्धारित करे, बिल्डर के लिए नई टैक्स बेनिफिट योजनाएं लाए। घर खरीदारों के लिए टैक्स में कटौती की जाए। इसके अलावा रियल एस्टेट में अफोर्डेबल हाउसिंग के लिए स्टैंप ड्यूटी में कटौती करें। वहीं सरकार की तरफ से 25000 हजार करोड़ के फंड  एआईएफ के साथ- साथ अफोर्डेबल हाउसिंग के लिए प्रोत्साहन प्लान भी लाए। और बुनियादी ढांचा के लिए अधिक से अधिक बजट निर्धारित करें।

फंड मिलने के बाद दिखेगी तेजी

वहीं गुलशन होम्स के निदेशक दीपक कपूर ने कहा कि आज मार्केट में देखा गया है कि फंड की वजह से प्रोजेक्ट रुके पड़े हैं। हाल ही में सरकार द्वारा स्ट्रेस फंड लेकर आई है, जो बजट की वजह से प्रोजेक्ट रुके हुए हैं, लेकिन अभी पूरी तरह से इस फंड का निर्धारण नहीं हो सका है। हम उम्मीद करते हैं कि जैसे ही इस फंड का मिलना शुरू हो जाएगा तो रियल स्टेट में काफी तेजी आएगी और बहुत जल्द ही घर खरीदारों को अपना घर मिल जाएगा।

लिक्विडी और डिमांड की सबसे बड़ी चुनौती

एलारा टेक्नोलॉजीज के ध्रुव अगरवला जो प्रोप टाइगर डॉट कॉम, हाउसिंग डॉट कॉम  और मकान डॉट कॉम के मालिक है ने  कहा कि पिछले छह महीनों में, सरकार ने अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए कई उपाय किए हैं, जिनमें से कुछ विशेष रूप से भविष्य के रियल एस्टेट सेक्टर को पुनर्जीवित करने का प्रयास है। यह उपाय लंबे समय के लिए लाभकारी साबित होगा।

अगर वर्तमान समय की बात करें तो सबसे बड़ी चुनौती लिक्विडिटी और डिमांड की है। जबकि रु 25,000 करोड़ का स्ट्रेस फंड / एआईएफ जो पहले घोषित किया गया था, वह लिक्विडिटी संकट से उभारने के लिए किया गया है।  इस क्षेत्र के लिए एक बार ऋण पुनर्गठन की तत्काल आवश्यकता है।
विज्ञापन


जिससे डेवलपर्स को महत्वपूर्ण राहत प्रदान करेगा और प्रोजेक्टों को तेजी से पूरा करेगा। हम आशा करते हैं कि माननीय वित्त मंत्री आगामी बजट में उस उपाय की घोषणा करेंगी।दूसरी ओर, डिमांड को आगे बढ़ाने के लिए, सरकार को लोगों पर टैक्स के बोझ को कम करने के साथ, दूसरे घर की खरीद पर अतिरिक्त टैक्स की छूट पर विचार करना चाहिए। इससे डिमांड को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी और उपभोग को बढ़ावा मिलेगा जिससे जीडीपी में वृद्धि होगी। ”
विज्ञापन

अफोर्डेबल हाउसिंग को मिले मदद

रजत गोयल, ज्वाइंट मैनेजिंग डायरेक्टर, एमआरजी वर्ल्ड के संयुक्त निदेशक रजत गोयल ने बातचीत में कहा कि अफोर्डेबल हाउसिंग सेक्टर में मदद के लिए कुछ और उपाय किए जाने चाहिए। एफएम को नीतिगत बदलाव करना आना चाहिए, जिससे डेवलपर्स अधिक से अधिक प्रोजेक्ट ला सकें और बनाएं, जिससे लोग अधिक से अधिक घर खरीद सकें। हरियाणा की नीति की तर्ज पर अन्य क्षेत्रों में अफॉर्डेबल हाउसिंग के लिए कुछ घोषणाएं करें, तो यह एक स्वागत योग्य कदम होगा।

सिंगल विंडो सिस्टम की हो शुरुआत

गिल्को समूह के एग्जिक्यूटिव निदेशक तेजप्रीत सिंह गिल ने कहा कि सरकार को सिंगल विंडो सिस्टम को लाना चाहिए। समय की जरूरत है कि इस सुस्त पडे़ क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए सक्रिय कदमों की घोषणा की जाए। इसके अलावा अन्य मुद्दों में रियल एस्टेट सेक्टर की वृद्धि प्रक्रियात्मक देरी से होती है, जो खरीदारों को प्रभावित करने वाली परियोजना लागत को बढ़ाती है। तेजी से निकासी की सुविधा के लिए, सरकार को एकल-खिड़की निकासी प्रणाली की घोषणा करनी चाहिए, जो अनुमोदन अवधि में भारी कटौती करेगी और विकास प्रक्रिया में तेजी लाएगी और संबंधित अनुमति देने वाले अधिकारियों को रेरा के दायरे में लाना चाहिए।

एकमुश्त हो लोन का पुनर्गठन

मोहित गोयल, सीईओ, ओमैक्स लिमिटेड के सीईओ मोहित गोयल ने बताया कि सरकार ने रुकी हुई परियोजनाओं के लिए स्ट्रेस फंड जैसे कई उपायों की घोषणा की थी। इसके अलावा होम लोन की दरों को आरबीआई से जोड़ने के लिए बाहरी बेंचमार्क को मंजूरी दी और 45 लाख रुपये तक के घरों पर पहली बार होम बायर्स को 1.5 लाख रुपये की अतिरिक्त कर कटौती की। सरकार ने पीएसबी के पुनर्पूंजीकरण की भी घोषणा की, ताकि अर्थव्यवस्था में ऋण प्रवाह में सुधार हो सके। हालांकि एनबीएफसी के संकट के बीच बाजार में मंदी के कारण, होमबायर्स और उधार देने वाले बैंकों के बीच विश्वास की कमी के कारण वित्त मंत्री से आग्रह करते हैं कि इस क्षेत्र के लिए एकमुश्त ऋण पुनर्गठन की घोषणा करें। इससे निर्माण में तेजी आएगी और एक बार निर्माण शुरू हो जाएगा।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें