देश की वित्तीय राजधानी मुंबई में शुल्कों में कटौती के बाद संपत्ति के पंजीकरण में 1.3 गुना की वृद्धि हुई है, लेकिन 2020-21 का साल रियल्टी क्षेत्र के लिए मुश्किल रहने वाला है। रेटिंग एजेंसी क्रिसिल की रिपोर्ट में यह बात कही गई है।
रियल्टी क्षेत्र की प्राथमिक बिक्री में 50 फीसदी गिरावट
क्रिसिल ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में 10 शीर्ष शहरों में रियल्टी क्षेत्र की प्राथमिक बिक्री में 50 फीसदी की गिरावट आने का अनुमान है। क्रिसिल की शोध इकाई की रिपोर्ट में कहा गया है कि, 'महाराष्ट्र ने दिसंबर तक स्टांप शुल्क को पांच फीसदी से घटाकर दो फीसदी कर दिया है। उसके बाद मार्च, 2021 तक स्टांप शुल्क तीन फीसदी रहेगा।'
मांग में सुधार
इसकी वजह से मुंबई और शेष राज्य में पिछले दो माह के दौरान संपत्ति के पंजीकरण में आश्चर्यजनक रूप से 1.1 से 1.3 फीसदी का इजाफा हुआ है। हालांकि, इसके साथ ही रिपोर्ट में कहा गया है कि कुल मिलाकर 10 शीर्ष शहरों में चालू वित्त वर्ष में संपत्ति की बिक्री में 40 से 50 फीसदी की गिरावट आने का अनुमान है। क्रिसिल ने कहा कि अक्तूबर में रियल एस्टेट की मांग में सुधार उम्मीद से कहीं अधिक तेज रहा है। त्योहारी सीजन के बाद यह मांग कैसी रहती है, इसके देखने की जरूरत होगी।