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बजट 2018: रियल इस्टेट को हैं जेटली से यह उम्मीदें

Tue, 23 Jan 2018 05:31 PM IST
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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इस बार के बजट से रियल इस्टेट सेक्टर को काफी आशाएं हैं, जो फिलहाल काफी बदहाल स्थिति में है। रियल इस्टेट सेक्टर को उम्मीद है कि आने वाले बजट में वित्त मंत्री अरुण जेटली उनकी अपेक्षाओं का ध्यान रखेंगे। 
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प्रोजेक्ट शुरू करने के लिए मिले सिंगल विंडो क्लीयरेंस 
सेक्टर को उम्मीद है कि 2022 तक केंद्र सरकार के हाउसिंग फॉर ऑल के सपने को पूरा करने के लिए सिंगल विंडो क्लीयरेंस मिलना बहुत ही जरूरी हैं। लेकिन अभी तक इस तरह की मंजूरी नहीं मिली है।

रेरा कानून के लागू होने के बाद से इस तरह की बहुत आवश्यकता महसूस की जा रही है। अगर रियल इस्टेट प्रोजेक्ट्स को ऐसी क्लीयरेंस मिलती है तो फिर प्रोजेक्ट के पूरा होने में किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं आएगी। 
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सेक्टर को मिले उद्योग का दर्जा

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रियल इस्टेट सेक्टर की काफी लंबे समय से मांग है कि इसको उद्योग का दर्जा मिले। ऐसा इसलिए क्योंकि रियल इस्टेट सेक्टर की जीडीपी में काफी बड़ी हिस्सेदारी है। इस सेक्टर में काफी लोग रोजगार से जुड़े हुए हैं। डेवलपर्स का मानना है कि अगर इसको मंजूरी मिल जाती है, तो फिर वो कम रेट पर बैंकों से लोन ले सकते हैं, जिससे प्रोजेक्ट कॉस्ट काफी कम हो जाएगी। 

पहले खरीददारों को मिले इनकम टैक्स में ज्यादा छूट
रियल इस्टेट सेक्टर की मांग है कि पहली बार घर खरीदने वालों को इनकम टैक्स में ज्यादा छूट मिले। इनको सेक्शन 80ईई के तहत 50 हजार रुपये की सालाना छूट मिले। इससे ज्यादा लोग घर खरीद सकेंगे। 

जीएसटी में मिले छूट
अभी बन रही प्रॉप्रटी पर 12 फीसदी जीएसटी लग रहा है, जो कि काफी ज्यादा है। केंद्र सरकार इस पर इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ दें , ताकि डिमांड बढ़े। इसके साथ क्रेडिट पर पारदर्शिता और क्लीयरटी पर होनी चाहिए। 
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