रियल इस्टेट सेक्टर की काफी लंबे समय से मांग है कि इसको उद्योग का दर्जा मिले। ऐसा इसलिए क्योंकि रियल इस्टेट सेक्टर की जीडीपी में काफी बड़ी हिस्सेदारी है। इस सेक्टर में काफी लोग रोजगार से जुड़े हुए हैं। डेवलपर्स का मानना है कि अगर इसको मंजूरी मिल जाती है, तो फिर वो कम रेट पर बैंकों से लोन ले सकते हैं, जिससे प्रोजेक्ट कॉस्ट काफी कम हो जाएगी।
पहले खरीददारों को मिले इनकम टैक्स में ज्यादा छूट
रियल इस्टेट सेक्टर की मांग है कि पहली बार घर खरीदने वालों को इनकम टैक्स में ज्यादा छूट मिले। इनको सेक्शन 80ईई के तहत 50 हजार रुपये की सालाना छूट मिले। इससे ज्यादा लोग घर खरीद सकेंगे।
जीएसटी में मिले छूट
अभी बन रही प्रॉप्रटी पर 12 फीसदी जीएसटी लग रहा है, जो कि काफी ज्यादा है। केंद्र सरकार इस पर इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ दें , ताकि डिमांड बढ़े। इसके साथ क्रेडिट पर पारदर्शिता और क्लीयरटी पर होनी चाहिए।