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स्टांप ड्यूटी शुल्क में हुई कटौती, तो नवंबर में नौ साल के उच्च स्तर पर पहुंचा आवास पंजीकरण

Thu, 10 Dec 2020 02:35 PM IST
‌डिंपल अलवधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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रियल एस्टेट प्रॉपर्टी - फोटो : pixabay
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महाराष्ट्र सरकार के स्टांप शुल्क में कटौती करने और ऊंची त्योहारी मांग के चलते मुंबई में नवंबर में 9,301 आवासों का पंजीकरण हुआ है। संपत्ति सलाहकार कंपनी नाइट फ्रैंक के अनुसार यह पिछले नौ साल का उच्च स्तर है और सालाना आधार पर 67 फीसदी की वृद्धि है। नवंबर में आवासों का पंजीकरण मासिक आधार पर 17 फीसदी और सालाना आधार पर 67 फीसदी बढ़ा है। 

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मुंबई में स्टांप शुल्क में तीन फीसदी की छूट
इस संदर्भ में नाइट फ्रैंक इंडिया के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक शिशिर बैजल ने कहा कि, 'मुंबई में आवासों की बिक्री तेज करने में स्टांप शुल्क में सीमित अवधि के लिए की गयी कटौती ने अहम भूमिका अदा की है। इसके अलावा त्योहारी मौसम, आवास ऋण पर न्यूनतम ब्याज और डेवलपरों की ओर विविध प्रोत्साहन ने भी इसे बढ़ाने में मदद की है।' गौरतलब है कि महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई में आवासों की बिक्री बढ़ाने के लिए स्टांप शुल्क में तीन फीसदी की छूट दी है। 

बिल्डरों ने की पेशकश
अधिकतर बिल्डरों ने स्टांप शुल्क पर बचे दो फीसदी को वहन करने की पेशकश की है। इसलिए बाजार में आवासों की बिक्री बढ़ी है। एज्लो रियल्टी के सीईओ कृष रवेशिया ने कहा कि लाकडाउन में ढील के बाद अब आर्थिक गतिविधियों में सुधार के मद्देनजर भारत में अचल संपत्ति के बाजार में फिर से तेजी आने का माहौल बना है। रहेजा रियल्टी के निदेशक राम रहेजा ने कहा कि, 'नाइट फ्रैंक की इस ताजा रिपोर्ट से यह बात फिर उभरी है कि आवास इकाइयों का बाजार भारत अर्थव्यवस्था के लिए उम्मीदों का एक बड़ा स्रोत बना रहेगा।'
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इतना रहा राज्य का राजस्व
स्टांप शुल्क कम हुआ है, लेकिन सितंबर, अक्तूबर और नवंबर में राज्य का राजस्व क्रमश: 180.5 करोड़ रुपये, 232.8 करोड़ रुपये और 287.9 करोड़ रुपये रहा। सितंबर में महाराष्ट्र में 5597 घर बिके, अक्तूबर में 7929 और नवंबर में महाराष्ट्र में 9301 घरों की बिक्री हुई। स्टांप शुल्क में कटौती होने से मांग बढ़ी है। मध्यप्रदेश में प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन सबसे महंगा है। यह 10.5 फीसदी है, वहीं महाराष्ट्र और दिल्ली में यह आंकड़ा क्रमश: तीन फीसदी और सात फीसदी है। 

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