कीमतों में स्थिरता के कारण देश में लग्जरी फ्लैट की मांग बढ़ रही है। पिछले एक साल में बिना बिके लग्जरी फ्लैट के स्टॉक में 12 फीसदी की कमी आई है। इन फ्लैट की कीमत डेढ़ से ढाई करोड़ रुपये के बीच है। संपत्ति सलाहकार एनारॉक के मुताबिक, देश में पिछले कुछ वर्षों में आवासीय रियल एस्टेट क्षेत्र में सुस्ती के कारण उच्च संपदा वाले लोग (एचएनआई) लग्जरी फ्लैट की जगह रियल एस्टेट में या उससे बाहर अन्य क्षेत्रों में निवेश करना चाहते हैं।
एनारॉक के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा, ‘ताजा अध्ययन से संकेत मिला है कि उच्च संपदा वाले लोग अब लग्जरी आवासीय बाजार में सुस्ती का लाभ उठा रहे हैं। कीमतों में स्थिरता और नकदी संकट से जूझ रहे बिल्डरों के आकर्षक पेशकशों की वजह से लग्जरी फ्लैट की मांग में सुधार हो रहा है।’ उन्होंने बताया कि वर्तमान में डेढ़ से ढाई करोड़ रुपये की कीमत वाले बिना बिके लग्जरी फ्लैट की संख्या 2019 की पहली तिमाही में घटकर 42,650 इकाई पर आ गई है।
मार्च तिमाही में एमएमआर में बिना बिके लग्जरी फ्लैट की संख्या सात फीसदी घटकर 23,930 इकाई रही। कोलकाता में ऐसे फ्लैट का स्टॉक 37 फीसदी घटकर 770 इकाई रहा। बंगलूरू में बिना बिके इन फ्लैट की संख्या 49 फीसदी घटकर 3,260 इकाई और एनसीआर में सात फीसदी घटकर 9,590 इकाई रह गई है। वहीं, चेन्नई में 50 फीसदी और हैदराबाद में 10 फीसदी की कमी आई है।