अब बड़े शहरों में घर खरीदने के लिए होम लोन पर ज्यादा ब्याज नहीं देना होगा। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने नियमों में बदलाव करते हुए इस सुविधा का ऐलान किया है। इस नए नियम के अनुसार, सस्ते आवास सेगमेंट को बढ़ावा देने के लिए प्राथमिकता क्षेत्र कर्ज (पीएसएल) के तहत आने वाले आवास ऋण की ऊपरी सीमा बढ़कर महानगरों में 35 लाख रुपये और अन्य केंद्रों में 25 लाखरुपये होगी।
यह है शर्त
शर्त हालांकि यह है कि प्राथमिकता क्षेत्र दर्जे के लिए मकान की कुल कीमत महानगरों में 45 लाख रुपये और अन्य केंद्रों में 30 लाख रुपये से अधिक नहीं हो। पीएसएल कर्ज की दर बाजार में चल रही ब्याज दर से कम होती है। अभी महानगरों तथा अन्य केंद्रों में अधिकतम क्रमश: 35 लाख रुपये और 25 लाख रुपये के मकान पर क्रमश: 28 लाख रुपये और 20 लाख रुपये के कर्ज को पीएसएल माना जाता है।
6 जून को किया था आरबीआई ने ऐलान
रिजर्व बैंक की 6 जून को जारी दूसरी द्वैमासिक मौद्रिक नीति के साथ विकास और नियामकीय नीतियों पर जारी वक्तव्य में इस बारे में ऐलान किया गया था। रिजर्व बैंक ने अपने नोटिफिकेशन में कहा है कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के रेसीडेंशियल प्रोजेक्ट्स में पात्रता के लिये पारिवारिक आय सीमा को मौजूदा दो लाख रुपये सालाना से बढ़ाकर तीन लाख रुपये कर दिया गया है। वहीं निम्न आय वर्ग के लिये वार्षिक आय सीमा को बढ़ाकर छह लाख रुपये कर दिया गया है। नोटिफिकेशन में कहा गया है कि यह बदलाव प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत दिये गये आय मानदंड के अनुरूप किया गया है।