उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करने और डेवलपरों की जिम्मदारी तय करने वाला रियल एस्टेट कानून रविवार से प्रभावी हो गया है। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, कानून के प्रावधान के अनुसार ‘अधिकतम छह महीने के भीतर’ नियम बनाए जाएंगे।
इसमें यह भी कहा गया है कि प्रस्तावित प्राधिकरण और मामलों के फैसले के लिए अपीलीय ट्रिब्यूनल एक साल में बन जाएंगे। प्राधिकरण परियोजनाओं का समय पर कार्यान्वयन सुनिश्चित करेंगे। यह कानून नई और मौजूदा सभी आवासीय और कॉमर्शियल परियोजनाओं पर लागू होगा।
कानून लागू होने पर रियल एस्टेट डेवलपरों को तय समय में फ्लैट या मकान खरीददारों को देना होगा। वहीं, मनमाने तरीके से डेवलपर खरीददारों पर नई-नई शर्तें नहीं थोप सकेंगे। कानून के अनुसार, यह डेवलपर की जिम्मेदारी होगी कि वादे के अनुसार वह तयशुदा वक्त में बायर्स को फ्लैट का कब्जा सौंप दें। डेवलपर अगर वादाखिलाफी करता है तो उस पर कार्रवाई होगी।