सुप्रीम कोर्ट ने जेपी एसोसिएट को 2000 करोड़ रुपये जमा करने की डेडलाइन 27 अक्तूबर से बढ़ा कर 5 नवंबर कर दी है। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने जेपी एसोसिएट को यमुना एक्सप्रेसवे को बेचने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। कंपनी ने इसे बेचने की अनुमति मांगी थी।
रिफंड चाहने वाले खरीददारों को मिलेगा रिफंड
वहीं सुप्रीम कोर्ट ने फिर कहा कि रिफंड चाहने वाले फ्लैट खरीदारों को रिफंड मिलेगा। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने 11 सितंबर के अपने उस आदेश में बदलाव करने से इनकार कर दिया है, जिसमें जेपी एसोसिएट को 2000 करोड़ रुपये जमा करने का आदेश दिया गया था।
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हालांकि पीठ ने 2000 करोड़ रुपये जमा करने की मोहलत बढ़ाकर 5 नवंबर कर दी है। जेपी एसोसिएट का कहना है कि सिंगापुर की एक कंपनी यमुना एक्सप्रेस को लीज पर खरीदने के लिए तैयार है।
इसे बेचने से उसे करीब 2500 करोड़ रुपये मिल जाएंगे। उसने यह भी कहा कि जो फ्लैट खरीदार रकम वापस चाहते हैं उन्हें पैसा मिलेगा, जो फ्लैट चाहते हैं उन्हें फ्लैट मिलेगा।