जीएसटी काउंसिल अपनी अगली बैठक में इस बात की घोषणा करेगा। अगर ऐसा होता है तो फिर लंबे समय से बेहाल पड़े रियल इस्टेट सेक्टर में नई जान आ सकती है। घर बनाने की लागत में सबसे ज्यादा पैसा सीमेंट, सरिया और पेंट में जाता है।
इसके अलावा मजदूरी भी होती है, जिसमें पैसा खर्च होता है। रियल इस्टेट में मंदी के चलते अभी कई लोग बेरोजगार हो गए हैं। टैक्स कम होने से एक बार फिर से कई रुके हुए प्रोजेक्ट फिर से शुरू होने की उम्मीद है।
पेंट पर पहले ही कम हो चुकी है जीएसटी दर
हालांकि जीएसटी काउंसिल पहले ही पेंट और वार्निश पर जीएसटी दर को घटाकर के 18 फीसदी कर चुकी है। अभी तक कुल 191 वस्तुओं को 28 फीसदी के स्लैब से बाहर कर 18 फीसदी के स्लैब में लाया जा चुका है। पहले इनमें 226 वस्तुएं थीं।
अभी 28 फीसदी जीएसटी स्लैब में 35 वस्तुएं हैं। इनमें सीमेंट के अलावा वाहन, ऑटोमोबाइल पार्ट्स, टायर, याट, एयरक्राफ्ट, कोल्ड ड्रिंक्स, तंबाकू, सिगरेट और पान मसाला जैसी वस्तुएं शामिल हैं।
ऐसे मिलेगा 15 हजार रुपये का लाभ
रियल एस्टेट विशेषज्ञों के अनुसार सीमेंट सस्ता होने के बाद 1000 वर्गफीट का घर बनाने की लागत 16,500 रुपये तक कम होगी। प्रचलित मापदंडों के अनुसार इतना बड़ा घर बनाने में 500 बोरी सीमेंट लगती है। वर्तमान दर पर यह 1.6 लाख रुपये की आएगी।
10 फीसदी जीएसटी घटा तो 23 दिसंबर से इसके लिए केवल 143,500 रुपए ही देने होंगे। ठेके पर घर बनवा रहे हैं तो वर्तमान दरों के हिसाब से निर्माण लागत 165 रुपये प्रति वर्गफीट तक घटेगी।