अटकी आवासीय परियोजनाओं के लिए 25 हजार करोड़ रुपये के कोष के एलान के बाद सरकार ने बृहस्पतिवार को घर खरीदारों को सलाह दी कि अब उन्हें अतिरिक्त उधारी या अपने कर्ज दोबारा शुरू करने के लिए बैंकों से संपर्क करना चाहिए। साथ ही सरकार ने स्पष्ट किया कि ऊपरी अदालतों में मुकदमेबाजी में फंसी परियोजनाओं को इसके दायरे में शामिल नहीं किया जाएगा।
इस फंड की बाजार नियामक सेबी के साथ श्रेणी-2 एआईएफ डेट फंड के तौर पर स्थापना की जाएगी और इसे व्यावसायिक रूप से चलाया जाएगा। निवेश प्रबंधक के रूप में एसबीआईकैप वेंचर्स लिमिटेड इसके साथ जुड़ेगी।
एफएक्यू में कहा गया कि यह फंडिंग रेरा में पंजीकृत उन किफायती और मध्यम आय वर्ग की आवासीय परियोजनाओं को उपलब्ध कराई जाएगी, जो फंड की कमी से अटकी हैं, लेकिन उनकी नेटवर्थ सकारात्मक (एनपीए सहित और परियोजना एनसीएलटी की प्रक्रिया से गुजर रही है) बनी हुई है। साथ ही उन परियोजनाओं को फंडिंग में प्राथमिकता दी जाएगी, जो ‘पूरा होने के काफी करीब हैं।’
किफायती और मध्यम आय वर्ग में ऐसी परियोजनाएं आती हैं, जिनमें इकाइयों का कारपेट एरिया 200 वर्ग मीटर से ज्यादा न हो और मुंबई महानगरीय क्षेत्र में कीमत 2 करोड़ रुपये, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, चेन्नई, कोलकाता, पुणे, हैदराबाद, बंगलूरू और अहमदाबाद में 1.5 करोड़ रुपये और देश के बाकी क्षेत्रों 1 करोड़ रुपये से ज्यादा न हो।