घर बनाने की लागत 20 फीसदी तक बढ़ी
मकान बनाने में इस्तेमाल होने वाले छड़, ईंट और टाइल्स आदि पहले से महंगे हो गए हैं। इससे मकान बनाने की लागत 15-20 फीसदी बढ़ चुकी है। ऐसे में सीमेंट की कीमतें बढ़ने से लागत में और इजाफा होगा। दिसंबर से अब तक लोहे का भाव 20,000 रुपये टन बढ़ गया है। मार्च, 2021 की तुलना में अप्रैल, 2022 में सीमेंट की कीमत करीब 60 फीसदी बढ़ गई है।
- इसके अलावा, इस दौरान डीजल की कीमतों में भी 25 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी देखने को मिली है। देश में डीजल की खुदरा कीमतों में मार्च के मध्य से 14 बार में 10 रुपये प्रति लीटर का इजाफा हुआ है।
- दूसरे-तीसरे स्तर के शहरों से सस्ते मकानों और इन्फ्रा की मांग आने के कारण वित्तवर्ष 2023 में सीमेंट की मांग की वृद्धि दर 5-7 फीसदी पर स्थिर रह सकती है। निर्माण लागत बढ़ने का भी मांग पर असर होगा।