सीजीएसटी अधिनियम में संशोधन की मांग
सीआईआई ने वित्त वर्ष 2021-22 के लिए दिए गए सुझाव में केंद्रीय माल एवं सेवा कर (सीजीएसटी) अधिनियम की धारा 16 और धारा 17(5) में संशोधन करने की मांग की, ताकि रियल एस्टेट कंपनियां निर्माण के दौरान वस्तुओं व सेवाओं की खरीद पर इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का लाभ उठा सकें।
आईटीसी नहीं मिलने से अटकती है डेवलपर्स की पूंजी
संगठन ने कहा कि आईटीसी नहीं मिलने से रियल एस्टेट डेवलपर्स की पूंजी अटकती है। सीआईआई ने कहा कि, 'संपत्तियों को व्यावसायिक किराए पर देने या मॉल में आउटलेट पट्टे पर देने में किराए पर 18 फीसदी जीएसटी लगता है। निर्माण के दौरान आईटीसी नहीं मिलने से निर्माण की लागत बढ़ती है और कार्यशील पूंजी का नुकसान होता है। इसका असर पूरी आपूर्ति श्रृंखला पर होता है।'
50 फीसदी तक हो किराया आय पर कर कटौती
नारेडको ने आगामी बजट में रियल एस्टेट क्षेत्र को प्रोत्साहन देने के लिए सस्ते घरों के लिए मूल्य के 90 फीसदी तक कर्ज की सुविधा देने और किराए के मकानों के प्रोत्साहन के लिए किराया आय पर कर कटौती 50 फीसदी तक रखने जैसे कई सुझाव सरकार को दिए। संगठन ने विशेष आर्थिक क्षेत्र (सेज) के क्षेत्र में सुधार और समग्र विस्तार की जरूरत पर बल देते हुए कहा है कि इसमें रियल एस्टेट क्षेत्र को विदेशी वाणिज्यक कर्ज लेने की छूट दी जाए। रेंटल हाउसिंग को बढ़ावा देने के लिए वार्षिक किराए की आय पर (रखरखाव के उद्देश्य से खर्च) की कटौती की दर को 30 फीसदी से बढ़ाकर 50 फीसदी किया जाना चाहिए।
90 फीसदी तक किया जाए एलटीवी
नारेडको के राष्ट्रीय अध्यक्ष निरंजन हीरानंदानी ने वीडियो कांफ्रेस के जरिए कहा कि, 'कोविड-19 महामारी ने वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं को प्रभावित किया है और भारतीय रियल एस्टेट क्षेत्र भी इससे अछूता नहीं रहा है।' नारेडको की सिफारिश है कि 30 लाख रुपये या उससे कम के सस्ते घरों के लिए उनके कर्ज का मूल्य के साथ अनुपात (एलटीवी) बढ़ाकर 90 फीसदी तक किया जाए और इसी सुविधा का एमआईजी और एचआईजी तक भी विस्तार किया जाए।