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नोएडा, ग्रेनो और गुरुग्राम में देरी से चल रहीं 125 रियल एस्टेट परियोजनाएं: रिपोर्ट

Fri, 22 Nov 2019 06:33 PM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
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सांकेतिक तस्वीर
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आम धारणा है कि सबसे ज्यादा देरी दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की रियल एस्टेट परियोजनाओं में होती है, लेकिन प्रॉपटाइगर डॉट कॉम के एक अध्ययन में पता चला है कि देशभर में देरी से चल रहीं आधी से अधिक परियोजनाएं मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) में हैं। अध्ययन में कहा गया है कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गुरुग्राम में करीब 125 परियोजनाएं देरी से चल रही हैं। 

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रियल एस्टेट क्षेत्र पर सर्वे करने वाली कंपनी प्रॉपटाइगर ने कहा, एमएमआर में देरी से चल रही परियोजनओं के 2020 के बाद ही पूरा होने की संभावना है। देश के 10 प्रमुख आवासीय इकाइयों के बाजार की बात करें तो रेरा के अंतर्गत पंजीकृत कुल 1,665 परियोजनाएं ऐसी हैं, जो औसतन पांच साल की देरी से चल रही हैं। इनमें से 880 परियोजनाएं एमएमआर मेें हैं, जिनमें दो लाख से अधिक इकाइयां शामिल हैं। हालांकि, इसे देश के सबसे महंगे प्रॉपर्टी बाजार में गिना जाता है। 

एनसीआर के तीन शहरों में 1 लाख मकान लंबित

रिपोर्ट में कहा गया है कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गुरुग्राम के बाजार में देरी से चल रहीं 125 परियोजनाओं में 1 लाख से अधिक मकानों का निर्माण अधूरा है। इस लिहाज से हैदराबाद और पुणे के आंकड़े भी एमएमआर जैसे ही हैं। वहां क्रमश: 276 और 241 आवासीय परियोजनाएं पांच वर्षों से अधिक की देरी से चल रहीं हैं। दोनों शहरों में दो लाख से अधिक इकाइयों का निर्माण देरी से चल रहा है। चेर्न्नई में सबसे कम 24 विलंबित परियोजनाएं हैं, जिनमें 11,679 इकाइयां शामिल हैं। एमएमआर में आवास परियोजनाओं के लिए बजट सीमा दो करोड़ रुपये रखी गई है, जबकि यह अन्य बाजारों के लिए 1.50 करोड़ से कम है।

नकदी संकट सबसे बड़ी समस्या

प्रॉपटाइगर की सत्वाधिकारी कंपनी एलारा टेक्नोलॉजीज के ग्रुप सीओओ मणि रंगराजन का कहना है कि इन बाजारों में नकदी संकट सबसे बड़ी समस्या है। यही देशभर की परियोजनाओं की देरी का सबसे बड़ा कारण है। परियोजनाओं की देरी की वजह से खरीदारों के मन में नकारात्मक छवि बन जाती है। इसे सुधारने के लिए कोष के रूप में सरकार ने 25,000 करोड़ रुपये मिलने से काफी बदलाव देखने को मिलेगा। इस कोष का बड़ा हिस्सा मुंबई की परियोजनाओं को पूरा करने में खर्च किया जा सकता है। 

एनसीआर में स्थिर रहेंगे प्रॉपर्टी के दाम

विशेषज्ञों के बीच कराए गए एक सर्वेक्षण में बताया गया है कि सरकार की ओर से मदद मिलने के बाद अगले दो वर्षों में प्रॉपर्टी बाजार धीरे-धीरे जोर पकड़ेगा। इसके अनुसार, 2020 में दिल्ली, एनसीआर में प्रॉपर्टी की कीमतें स्थिर रहने का अनुमान है, जबकि बंगलूरू और चेन्नई जैसे शहरों में इस दौरान प्रॉपर्टी 2 फीसदी महंगी हो जाएगी। सर्वे में शामिल 15 विश्लेषकों में से 11 का कहना है कि सरकार की ओर से दिया गया फंड क्षेत्र के विकास के लिए काफी है। रिपोर्ट के तहत, 2020 में राष्ट्रीय स्तर पर प्रॉपर्टी के दाम 3 फीसदी और 2021 में 4.3 फीसदी बढ़ने का अनुमान है।

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