हालांकि घोटाले के सामने आने के बाद से सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय ने जांच शुरू कर दी है। ईडी और सीबीआई की इस जांच में नीरव मोदी की कंपनी के अलावा अन्य ज्वेलरी कंपनियां भी दायरे में आ गई हैं। ऐसे में अन्य कंपनियों का जिन बैंकों में खाता है, उन पर भी इसका असर पड़ेगा। तीन बड़ी कंपनियां गीतांजलि, गिन्नी और नक्षत्र पर सबसे ज्यादा संदेह है।
हांगकांग स्थित इलाहाबाद बैंक ने दिए 22 बिलियन
हांगकांग में स्थित इलाहाबाद बैंक की शाखा ने नीरव मोदी की कंपनी को 22 बिलियन डॉलर फर्जी एलओयू के आधार पर ट्रांसफर किए हैं। बिजनेस स्टैंडर्ड से बात करते हुए बैंक की सीईओ उषा अनंतसुब्रहामण्यम ने कहा कि लोन की पूरी देनदारी नीरव मोदी पर न होकर के पीएनबी पर आएगी। पीएनबी को 25 जनवरी और 5 फरवरी को देनदारी चुकानी थी, लेकिन वो डिफॉल्ट हो गई है। बैंक अब अपने ऑडिट को कड़ा करने और कर्मचारियों को भी सख्ती से नियमों का पालन करने के लिए कह रहा है।
यूको बैंक पर नीरव मोदी का 28 करोड़ का कर्ज
यूको बैंक पर नीरव मोदी का 28 करोड़ रुपये बकाया है। बैंक की हांगकांग स्थित शाखा से भी नीरव मोदी ने अपने पीएनबी में स्थित खाते की मदद से फर्जी तरीके से लोन लिया। वहीं देना बैंक में नीरव मोदी की कंपनी पर 50 करोड़ की देनदारी है।